रीना बघेल ने रसोई से शुरू किया कारोबार, पापड़-बड़ी और बिजौड़ी बनाकर बनीं आत्मनिर्भर
जांजगीर-चांपा, 08 अक्टूबर (हि. स.)। सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की प्रेरक कहानियां सामने आ रही हैं। ग्राम कुथुर निवासी रीना बघेल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर अपने घर की रसोई को ही आजीविका का साधन बना लिया है। उन्होंने घर पर पापड़, बड़ी और बिजौड़ी तैयार कर उनकी बिक्री शुरू की और अब अपनी मेहनत से परिवार की आय में योगदान दे रही हैं।
रीना बघेल ने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें घर से ही काम शुरू करने का अवसर मिला। घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने छोटे स्तर पर पापड़, बड़ी और बिजौड़ी बनाकर बिक्री शुरू की। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की बिक्री बढ़ी और यह काम नियमित आय का जरिया बन गया।
रीना के लिए इस काम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे घर की जिम्मेदारियां निभाने के साथ अपना व्यवसाय भी संचालित कर पा रही हैं। अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री से होने वाली आमदनी ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है। अब वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी सहयोग दे रही हैं।
रीना बघेल की कहानी बताती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर महिलाएं घर से ही रोजगार की शुरुआत कर सकती हैं। बिहान के माध्यम से मिले अवसर को मेहनत और हुनर से आगे बढ़ाते हुए रीना ने न केवल अपनी आय का साधन बनाया, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT