स्मार्ट मीटर परियोजना से विद्युत विभाग ने वसूला 64 लाख रुपये बकाया बिल

 


बिल नहीं पटाने वाले 650 उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटे, अब ऑनलाइन होगी कार्रवाई

धमतरी, 22 फ़रवरी (हि.स.)। जिला विभाग की स्मार्ट मीटर परियोजना वर्षों पुरानी बकाया वसूली की समस्या को दूर करने में कारगर साबित हो रही है। स्मार्ट मीटर लगने से न केवल बिल की निगरानी आसान हुई है, बल्कि लंबे समय से लंबित बकाया राशि की वसूली में भी तेजी आई है।विभाग ने पिछले कुछ महीनों में लगभग 64 लाख रुपये का पुराना बिजली बिल वसूल किया है। बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बिल का भुगतान तय तिथि तक नहीं करने वाले 650 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के माध्यम से ऑनलाइन काट दिए गए हैं। अब यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है, जिससे विभागीय कर्मचारियों को उपभोक्ता के घर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। बीपी नंबर के आधार पर सीधे मीटर को रायपुर स्थित कंट्रोल सेंटर से डिस्कनेक्ट किया जा रहा है। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता अनिल प्रसाद सोनी ने रविवार काे बताया कि स्मार्ट मीटर लागू होने से बिल वसूली प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिल जारी होने के बाद निर्धारित तिथि तक भुगतान नहीं करने पर 21 दिन का अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। इसके बाद भी भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन ऑनलाइन काट दिया जाएगा। जिले में लगभग 1 लाख 8 हजार स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक करीब 97 हजार घरों और संस्थानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष 11 हजार मीटर अगले डेढ़ माह में लगाने की योजना है। विभाग ने 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा करने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट मीटर का उद्देश्य केवल बकाया वसूली नहीं, बल्कि बिजली की बचत को बढ़ावा देना और चोरी पर रोक लगाना भी है। भविष्य में प्री-पेड और पोस्ट-पेड सिस्टम लागू करने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं और विभाग दोनों को सुविधा होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा