बलरामपुर : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चों को मिल रहा नया जीवन

 

- जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बाती कोरवा का होगा निःशुल्क इलाज

बलरामपुर, 19 जून (हि.स.)। बलरामपुर जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और चिरायु योजना गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रही है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत बच्चों की समय पर पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार कराया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में विभिन्न जन्मजात एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित 24 बच्चों की पहचान की गई है। इनमें से 11 बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार कराया जा चुका है, जबकि शेष 13 बच्चों को आगामी 23 जून को उपचार के लिए राज्य के उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम पोड़ीखुर्द निवासी विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवार की चार वर्षीय बालिका बाती रेंगची कोरवा को भी चिरायु योजना के तहत चिन्हांकित किया गया है। जांच में बालिका जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित पाई गई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए रायपुर भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। वहां उसका निःशुल्क उपचार कराया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हो रही है। चिरायु टीम ने बालिका के उपचार के लिए आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी में भी विशेष सहयोग प्रदान किया है, जिससे इलाज की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जा सके। इससे बच्चों को स्वस्थ जीवन के साथ बेहतर भविष्य देने में मदद मिल रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय