राशन दुकानों में अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से ही मिलेगा राशन

 


धमतरी, 16 जून (हि.स.)। शासन की राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए अब सरकार ने नई योजना बनाई है। इसके तहत राशन लेने वाले हितग्राही अब मोबाइल ओटीपी से राशन दुकानों से राशन नहीं ले पाएंगे। हितग्राही को स्वयं राशन दुकान जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना होगा उसके बाद ही उसे राशन मिल पाएगा।

जानकारी के अनुसार मोबाइल ओटीपी से कई कार्डधारियों को राशन दुकान तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रहा था। दूसरे जगहों के कार्डधारियों के नाम पर चावल निकाला जा रहा था, लेकिन अब ओटीपी से राशन वितरण पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, इससे चावल वितरण की गड़बड़ी पर रोक लगेगी। चावल खरीदने राशन कार्डधारियों को दुकान जाना ही पड़ेगा, क्योंकि अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होने के बाद ही चावल मिल पाएगा। जानकारी के अनुसार जिले के 492 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में से अब 488 आनलाइन दुकानों में राशन सामग्री का वितरण अनिवार्य रूप से ई-पास मशीन पर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जाएगा।

शासन ने वन नेशन वन राशनकार्ड योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आधार प्रमाणीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं। जिला खाद्य अधिकारी बीके कोर्राम ने बताया कि ई-पास वितरण डेटा के विश्लेषण में यह पाया गया कि कई दुकानों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बजाय ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ई-केवाईसी पूर्ण होने पर राशनकार्ड के मुखिया अथवा पंजीकृत सदस्य के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही राशन वितरित किया जाए। जिन राशनकार्डों में नामिनी नियुक्त हैं, वहां भी नामिनी के आधार प्रमाणीकरण के बाद ही सामग्री का वितरण किया जाएगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओटीपी आधारित वितरण केवल विशेष परिस्थितियों में ही अनुमन्य होगा। इसमें ऐसे राशनकार्ड शामिल हैं, जिनके सभी सदस्य 60 वर्ष से अधिक या 10 वर्ष से कम आयु के हों, एकल निराश्रित राशनकार्ड धारक हों अथवा निश्शक्तजन राशनकार्ड धारक हों जिनमें कोई नामिनी नियुक्त न हो। इन मामलों में भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का प्रयास विफल होने के बाद ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि आधार प्रमाणीकरण को नजरअंदाज कर सीधे ओटीपी के माध्यम से वितरण करने वाले दुकान संचालकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसी हितग्राही के आधार प्रमाणीकरण में तकनीकी समस्या आने पर तत्काल खाद्य निरीक्षक एवं तकनीकी टीम को सूचना देकर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग ने जिले के सभी राशनकार्डधारियों से अपील की है कि वे उचित मूल्य दुकान पर राशन लेने जाते समय आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अवश्य कराएं तथा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग प्रदान करें।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा