तीन माह का अंगूठा, दो माह का राशन, उचित मूल्य दुकान पर ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत

 


बलरामपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम चीनिया में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान में तीन माह का अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें केवल दो माह का राशन दिया गया। आज गुरुवार दोपहर बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत चीनिया से ग्रामीण रामानुजगंज एसडीएम कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चीनिया की शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम शिवपुर सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन दुकान संचालक ने अप्रैल, मई और जून माह का अंगूठा लगवाया, लेकिन उन्हें केवल दो माह का राशन दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार की व्यवस्था के तहत मई, जून और जुलाई माह का राशन एकमुश्त वितरित किया जाना था, लेकिन उन्हें नियमानुसार पूरा खाद्यान्न नहीं मिला। उनका आरोप है कि राशन दुकान संचालक ने अंगूठा लगवाने के बाद भी पूरा राशन नहीं दिया और राशन कार्ड में बाकी लिखकर वापस कर दिया।

आज दोपहर बड़ी संख्या में ग्रामीण रामानुजगंज एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नाम तहसीलदार मनोज पैकरा को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की जांच कराने और दोषी राशन दुकान संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दुकान संचालक अक्सर पहले अंगूठा लगवा लेता है और बाद में पूरा राशन नहीं देता। इससे हितग्राहियों को अपने हक के खाद्यान्न से वंचित होना पड़ रहा है।

खाद्य निरीक्षक छबीला पैकरा ने बताया कि, ग्राम पंचायत चीनिया से महिला और पुरुष हितग्राही शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने आवेदन दिया है कि उन्हें जून और जुलाई माह का खाद्यान्न प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन प्राप्त हो गया है और पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अंगूठा लगवाकर राशन नहीं देने के आरोप पर खाद्य निरीक्षक ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह संभावना हो सकती है कि तीन माह का अंगूठा लगाकर केवल दो माह का राशन दिया गया हो, लेकिन वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राशन कार्ड में केवल उतनी ही मात्रा दर्ज की जाती है, जितना राशन हितग्राही को दिया जाता है। राशन कार्ड में अलग से बाकी लिखने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि ऐसा किया गया है तो जांच में इसकी भी पुष्टि की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय