रथयात्रा महोत्सव: सप्त नदियोंं के जल से होगा होगा महाप्रभु का महास्नान
धमतरी, 07 जुलाई (हि.स.)। भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा महोत्सव का शुभारंभ आठ जुलाई से महास्नान अनुष्ठान के साथ होगा। बुधवार को महाप्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का सप्त नदियों के पवित्र जल से वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ महास्नान कराया जाएगा। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना संपन्न होगी।
इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। धार्मिक मान्यता के अनुसार महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ हो जाते हैं और विश्राम करते हैं। इसी परंपरा के तहत 11 जुलाई से भगवान को औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार विशेष काढ़ा अर्पित किया जाएगा।
मंदिर के पुजारी पंडित बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि यही काढ़ा प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को भी वितरित किया जाएगा। 11 से 15 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह काढ़ा प्रसादी लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। विशेष जड़ी-बूटियों से तैयार इस काढ़े को स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है।
नौ दिवसीय रथयात्रा महोत्सव का मुख्य आकर्षण 16 जुलाई को होने वाली भव्य रथयात्रा रहेगी। इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। श्रद्धालु रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। रथयात्रा मार्ग पर धार्मिक उल्लास, भजन-कीर्तन और जयघोष से वातावरण भक्तिमय रहेगा।
प्रतिवर्ष रथयात्रा में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु सुव्यवस्थित ढंग से महोत्सव में शामिल होकर दर्शन और पूजा का लाभ उठा सकें। मंगलवार को मठ मंदिर चौक स्थित जगन्नाथ मंदिर में सजावट को अंतिम रूप दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा