दूसरी संतान बालिका होने पर रामकली को मिला छह हजार रुपये का लाभ
दूसरी संतान बालिका होने पर रामकली को मिला छह हजार रुपये का लाभ
एमसीबी 22 सितंबर (हि.स.)। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में जनकल्याणकारी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाय) गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना है।
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां विकासखंड के ग्राम कदरेवा निवासी रामकली को भी इस योजना का लाभ मिला है। उनकी दूसरी संतान बालिका होने पर उन्हें योजना के तहत 6 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है।
रामकली ने बताया कि दूसरी संतान के रूप में बेटी के जन्म के बाद गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी गई। कार्यकर्ता ने योजना की पात्रता और मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तार से समझाया तथा उनका आवेदन भी भरवाया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें 6 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई।
रामकली ने बताया कि योजना के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी रही। उन्होंने योजना का लाभ दिलाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
पहली संतान पर 5 हजार, दूसरी बालिका पर 6 हजार रुपये
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहली जीवित संतान के लिए 5 हजार रुपये की सहायता राशि निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किस्तों में दी जाती है। वहीं दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि देने का प्रावधान है। रामकली जी को इसी प्रावधान के तहत दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये का लाभ मिला है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देना योजना का उद्देश्य
योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण के लिए प्रोत्साहित करना, गर्भावस्था के दौरान आवश्यक प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान होने वाली संभावित आय की क्षति की आंशिक भरपाई के रूप में भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को आवेदन एवं पंजीयन की प्रक्रिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम और आशा कार्यकर्ता सहयोग प्रदान करती हैं। योजना से संबंधित प्रक्रिया के लिए नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र अथवा संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए सामान्यतः आधार कार्ड, महिला के नाम का बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, एमसीपी कार्ड, गर्भावस्था पंजीयन संबंधी दस्तावेज तथा आवश्यकतानुसार बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
समय पर पंजीयन और स्वास्थ्य जांच जरूरी
गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही पंजीयन कराने, निर्धारित प्रसव पूर्व जांच कराने, आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन करने, संस्थागत प्रसव कराने तथा बच्चे का समय पर टीकाकरण कराने पर विशेष जोर दिया जाता है। इस प्रकार प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आर्थिक सहायता के साथ महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल