रामानुजगंज में पण्डो समाज को विकास की सौगात, तीन छात्रावास शुरू और 13 आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण

 




बलरामपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में शुक्रवार को विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो समाज के विद्यार्थियों की शिक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कई कार्यों की शुरुआत की गई।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय मांगलिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पण्डो विद्यार्थियों के लिए तीन प्री-मैट्रिक छात्रावासों का शुभारंभ किया। इसके साथ ही 1.52 करोड़ रुपये की लागत से बने 13 आंगनबाड़ी भवनों और 54 लाख रुपये की पांच पुलियाओं का लोकार्पण किया गया। वहीं, 1.02 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आठ उचित मूल्य दुकान सह गोदाम भवनों का भूमिपूजन किया गया।

रामानुजगंज में 50-50 सीटों वाले पण्डो बालक छात्रावास, पण्डो बालिका छात्रावास और डिण्डो के पण्डो बालक छात्रावास शुरू होने से कुल 150 विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिलेगी। कृषि मंत्री ने कहा कि इन छात्रावासों से विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी और स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेकर समाज विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकता है।

कार्यक्रम में हरिहरपुर, लोधा, त्रिकुण्डा, बेलकुर्ता, चिनिया, दोलंगी, कमलपुर, पचावल, सलवाही, ताम्बेश्वरनगर, टाटीआथर, तेतरडीह और भंवरमाल में निर्मित आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया गया। इन भवनों में बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और देखभाल की सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, रामचन्द्रपुर विकासखंड के विमलापुर, बेलकुर्ता, बराहनगर, इन्द्रावतीपुर, कुशफर, विशालपुर, कुर्लूडीह और इन्दरपुर में उचित मूल्य दुकान सह गोदाम बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को गांव में ही राशन उपलब्ध कराने और खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण में मदद मिलेगी। त्रिकुण्डा, त्रिशूली, पलगी, सिलाजू और पचावल में बनी पांच पुलियाओं से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलेगी, खासकर बरसात के दौरान रास्ते बाधित होने की समस्या कम होने की उम्मीद है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पण्डो समाज से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आर्थिक रूप से संपन्न बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे। छात्रावासों से शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण और उचित मूल्य दुकानों से खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगा।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने छात्रावासों को विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने वाली सुविधा बताया। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को सामग्री, आयुष्मान कार्ड और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सरपंचों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल विजयनगर के उन 12 विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि सौंपी गई, जो 5 अक्टूबर को मधुमक्खियों के हमले में घायल हो गए थे। प्रशासन ने घटना के दो दिन बाद छात्र-दुर्घटना बीमा योजना के तहत कुल तीन लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की थी।

कार्यक्रम स्थल पर जिला स्तरीय पण्डो विशेष स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। इसमें पण्डो जनजाति के साथ अन्य लोगों को भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में एक्स-रे की सुविधा भी रही। स्वास्थ्य, कृषि, पशुधन विकास, मत्स्य, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, श्रम, खाद्य तथा वन विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी। पात्र हितग्राहियों के आवेदन मौके पर भरवाए गए और राशन कार्ड व आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। वन विभाग ने वन्यजीवों के हमले से हुई जनहानि और पशुहानि पर क्षतिपूर्ति से संबंधित जानकारी भी दी। इस अवसर पर जनजातीय कला और संस्कृति की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में पण्डो समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय