मौसम बदला तो बढ़ी बीमारी, रामानुजगंज अस्पताल की ओपीडी में रोज पहुंच रहे 350 मरीज
बलरामपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। मौसम में उतार चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। दिन में उमस और गर्मी के बाद शाम को बारिश होने से तापमान में अचानक बदलाव हो रहा है। इसके चलते सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
रामानुजगंज के 100 बिस्तर अस्पताल की पीडीपी में पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। अस्पताल में रोजाना करीब 300 से 350 मरीज जांच और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या मौसमी बीमारी से परेशान लोगों की है।
मौसमी बीमारी के बीच छत्तीसगढ़ में एच 1 एन 1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले भी बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के 8 सितंबर के आंकड़ों में प्रदेश में कुल 298 पॉजिटिव मरीज सामने आए थे। इसके अगले दिन 9 सितंबर की रिपोर्ट में यह संख्या बढ़कर 344 हो गई। यानी एक दिन में 46 नए पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई।
ताजा आंकड़ों के अनुसार रायपुर में 19, महासमुंद में 10, बिलासपुर में 3 और कोरबा में 2 नए मरीज मिले हैं। वहीं दुर्ग, रायगढ़, मुंगेली, राजनांदगांव और सरगुजा में एक एक नया मामला सामने आया है। अन्य राज्यों से फिलहाल कोई नया मामला रिपोर्ट नहीं किया गया है।
छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला झारखंड से सीमा साझा करता है और रामानुजगंज से लगे क्षेत्र के दूसरी तरफ गोदरमाना है। जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन पड़ोसी राज्य झारखंड में संक्रमण के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वाइन फ्लू और सामान्य वायरल संक्रमण के शुरुआती लक्षण काफी हद तक एक जैसे हो सकते हैं। दोनों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी परेशानी दिखाई दे सकती है। ऐसे में केवल लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि करना मुश्किल होता है। इसके लिए जांच जरूरी होती है।
रामानुजगंज के 100 बिस्तर अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सकिंदर गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसमी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि घर पर गर्म पानी का इस्तेमाल करें और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ने पर नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से जांच कराएं। सर्दी, खांसी या बुखार को सामान्य समझकर लंबे समय तक इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।
चिकित्सकों के अनुसार एच 1 एन 1 संक्रमण सांस के जरिए फैल सकता है। इसलिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना और संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल बलरामपुर जिले में स्वाइन फ्लू का कोई पुष्ट मामला नहीं है, लेकिन मौसम में बदलाव और पड़ोसी झारखंड में संक्रमण की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय