रायपुर के माना स्थित नकटी गांव के कई घरों पर चला प्रशासन का बुलडाेजर, एक हजार से अधिक पुलिस जवान तैनात

 




रायपुर 29 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे माना क्षेत्र के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए आज सोमवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 80 मकानों को हटाना शुरू कर दिया। कार्रवाई से पहले बीती देर रात से ही पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था और 1000 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए थे।

जानकारी के अनुसार ग्राम नकटी में करीब 80 अवैध मकान हैं, इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल बताए जा रहे हैं। इन मकानाें काे ढहाने के लिए राजस्व विभाग ने बेदखली का नोटिस चस्पा किया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, इसलिए बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। इसी काे लेकर आज सुबह जैसे ही प्रशासन की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची, ग्रामीणों ने विरोध करते हुए मशीनों के सामने खड़े होकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई। कई महिलाओं और बुजुर्गों ने अपने घर बचाने की गुहार लगाई, जबकि बच्चे और परिवार अपने सामान के साथ घरों के बाहर बैठे नजर आए।

कार्रवाई के दौरान कई मार्मिक दृश्य सामने आए। कहीं लोग अपने टूटते आशियाने को बेबसी से देखते रहे । वर्षों की मेहनत से बसाए गए घर कुछ ही घंटों में मलबे में तब्दील हो गए।

वहीं प्रशासन का दावा है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए आवंटन की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास की व्यवस्था और कार्रवाई के तरीके को लेकर उनकी कई आपत्तियां अब भी बनी हुई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल