रेलवे की सख्ती: बड़ी रेल लाइन निर्माण से पहले कब्जों पर चला बुलडोजर
धमतरी, 06 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी-रायपुर बड़ी रेल लाइन निर्माण कार्य को गति देने के लिए रेलवे ने आखिरकार सख्त कदम उठाते हुए सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद कब्जा खाली नहीं किए जाने पर छह अप्रैल से रेलवे ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए कार्रवाई तेज कर दी।
रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य मार्ग किनारे स्थित मकानों और दुकानों को पहले ही 5 अप्रैल तक स्वेच्छा से खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कब्जा बरकरार रहने पर सोमवार सुबह रेलवे की टीम भारी अमले के साथ मौके पर पहुंची और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान एक बुलडोजर और दो जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। कार्रवाई से पहले ही अधिकांश दुकानदारों ने अपना सामान हटा लिया था, जबकि कुछ ने मौके पर ही जल्दबाजी में दुकानें खाली कीं। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में 70 से अधिक कब्जाधारी हैं, जिनमें 14 मामलों पर न्यायालय में सुनवाई जारी है। रेलवे की इस कार्रवाई से जहां एक ओर परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है, वहीं प्रभावित लोगों के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति भी बन गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करना अब प्राथमिकता है।
दो दिन में पूरी होगी कार्रवाई
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई लगातार दो दिन तक चलेगी और क्षेत्र को पूरी तरह खाली करा लिया जाएगा। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों और दुकानदारों की भीड़ भी मौके पर जुटी रही। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम मुस्तैद रही। रेलवे अधिकारियों के साथ नगर निगम, राजस्व विभाग, पुलिस और यातायात विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
लंबे समय से लंबित है परियोजना
धमतरी-रायपुर बड़ी रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास छह अक्टूबर 2018 को किया गया था। इस परियोजना को 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कोरोना काल के कारण कार्य में देरी हुई।
करीब 554 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना के तहत धमतरी से केन्द्री तक लगभग 67 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जानी है। केन्द्री से अभनपुर, कुरुद होते हुए अधिकांश हिस्सों में काम पूरा हो चुका है, जबकि धमतरी तक लगभग 8 किलोमीटर का कार्य अभी शेष है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा