टिकरापारा की प्रार्थना सभा का विरोध, मतांतरण के आरोप से गरमाया माहौल

 




पांच घंटे तक चली गहमागहमी, पुलिस बल रहा तैनात; दोनों पक्षों ने रखी अपनी-अपनी बात

धमतरी, 27 सितंबर (हि.स.)। टिकरापारा वार्ड में रविवार को प्रार्थना सभा को लेकर करीब पांच घंटे तक गहमागहमी का माहौल रहा। हिंदू जागरण मंच के विरोध के बाद पुलिस ने प्रार्थना सभा में शामिल होने पहुंचे लोगों को मकान के भीतर जाने से रोक दिया। इस दौरान हिंदू संगठन से जुड़े लोगों, सभा में पहुंचने वाले लोगों और मकान के भीतर मौजूद लोगों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक की स्थिति बनी। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ विवाद दोपहर करीब तीन बजे तक चलता रहा।

हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि चंगाई सभा के माध्यम से हिंदुओं को मतांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि शांति समिति की बैठक में प्रार्थना सभा में केवल ईसाई समुदाय के लोगों के शामिल होने पर सहमति बनी थी, इसके बावजूद गैर-ईसाई लोग सभा में पहुंच रहे थे। दूसरी ओर सभा में शामिल होने पहुंचे लोगों को पुलिस ने विरोध के चलते मकान के भीतर जाने से रोक दिया। मौके पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम धमतरी पीयूष तिवारी, तहसीलदार कुसुम प्रधान, एएसपी शैलेंद्र कुमार पांडेय, डीएसपी भानु प्रताप चंद्राकर और सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजेश जगत सहित पुलिस बल ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति नियंत्रित रखी। विरोध के चलते धमतरी-जगदलपुर मुख्य मार्ग पर कई बार जाम की स्थिति भी बनी। घटना की जानकारी मिलने पर महापौर रामू रोहरा मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर समन्वय बनाने का प्रयास किया।

विरोध के बाद हिंदू जागरण मंच ने तहसीलदार कुसुम प्रधान को अनुविभागीय अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रार्थना सभाओं की निष्पक्ष जांच, आयोजकों एवं संबंधित लोगों की भूमिका की जांच तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2026 के प्रावधानों के पालन की जांच की मांग की। मंच ने कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। इस दौरान हिंदू जागरण मंच के पुरुषोत्तम निषाद, चित्रेश साहू, डाकेश्वर साहू, प्रतीक सोनी, मोनू साहू और हितेश घृतलहरे सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे। सर्व हिंदू समाज के अध्यक्ष महेश रोहरा ने कहा कि प्रत्येक धर्म को अपनी धार्मिक गतिविधियां करने की स्वतंत्रता है, लेकिन हिंदुओं को बहला-फुसलाकर सभा में लाना उचित नहीं है। उन्होंने मतांतरण का आरोप लगाते हुए कहा कि शांति समिति की बैठक में तय शर्तों के बावजूद गैर-ईसाई लोग सभा में शामिल होने पहुंचे।

हिंदू जागरण मंच के प्रांत युवा प्रमुख दीपक सिंह ठाकुर ने कहा कि जिसे मत परिवर्तन करना है, वह विधिवत प्रक्रिया अपनाकर बपतिस्मा करवा सकता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की। वहीं बालोद जिले के ग्राम फागुनदाह से सभा में शामिल होने पहुंचीं पुष्पा साहू ने कहा कि यहां कोई धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा रहा है, बल्कि मन और जीवन में बदलाव का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि यहां आने के बाद उन्हें शांति मिली है। धमतरी जिला क्रिश्चियन फोरम के जनरल सेक्रेटरी डाॅ. डायमंड फिलस ने कहा कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। उनके अनुसार किसी व्यक्ति को अपनी इच्छा से प्रार्थना सभा में शामिल होने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि चर्च में प्रार्थना सभा मसीहियों के लिए होने की सूचना लगाई गई है और किसी व्यक्ति को बुलाया या उस पर दबाव नहीं बनाया जाता। जो लोग सभा में आते हैं, वे अपनी इच्छा से आते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा