सहकारिता से समृद्धि: रायपुर में 'सहकारी सप्ताह' का भव्य समापन

 








सहकारिता मंत्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। भारत सरकार द्वारा गठित 'सहकारिता मंत्रालय' की स्थापना के सफल 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह का भव्य समापन आज साेमवार काे जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर के प्रांगण में हुआ।

इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के सहकारिता एवं वन मंत्री केदार कश्यप उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों द्वारा बैंक के संस्थापक पं. वामन बलीराम लाखे के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर समारोह की शुरुआत की गई। इसके साथ ही बैंक परिसर में 'छत्तीसगढ़ महतारी' की प्रतिमा का गरिमामय अनावरण भी किया गया।

समारोह के दौरान देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के भाषण का यूट्यूब चैनल के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। अपने संबोधन में शाह ने सहकारिता के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलावों का जिक्र किया, जिनमें 50,000 पैक्स को ई-पैक्स में बदलना, त्रिभुवन सहकारिता विश्वविद्यालय की स्थापना,दुनिया की सबसे बड़ी अन्न गोदाम श्रृंखला का निर्माण,सहकारी समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) बनाना और देश भर में भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत आदि कार्य शामिल हैं।

रायपुर जिला सहकारी बैंक को 216 करोड़ रूपये का ऐतिहासिक लाभ

बैंक की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अपेक्षा व्यास ने प्रगति प्रतिवेदन पढ़ते हुए बैंक की शानदार उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष (31 मार्च 2026) की स्थिति में बैंक को 216 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक सकल लाभ हुआ है। केंद्र सरकार की 'सहकार से समृद्धि' योजना के तहत बैंक द्वारा किए जा रहे प्रमुख कार्य हैं जिसमें माइक्रो एटीएम: बैंक से जुड़ी 682 सहकारी समितियों और 98 डेयरी समितियों में माइक्रो एटीएम का संचालन। कॉमन सर्विस सेंटर: समितियों के माध्यम से नागरिकों को 32 जरूरी सेवाएं दी जा रही हैं। जन औषधि केंद्र: 12 प्राथमिक सहकारी समितियों द्वारा सस्ते इलाज के लिए जन औषधि केंद्रों का संचालन। उज्ज्वला योजना: दुर्गम क्षेत्रों की 10 सहकारी समितियों के माध्यम से एलपीजी गैस का वितरण। इसके साथ ही पैक्स का कंप्यूटरीकरण और 132 नवीन सहकारी समितियों का गठन किया गया है।

क्वांटिटी नहीं, क्वॉलिटी खेती पर दें जोर: मंत्री केदार कश्यप

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में सफल कार्यक्रम के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पैक्स, डेयरी और मत्स्य पालन जैसी लगभग 1300 सहकारी समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करें और जैविक व प्राकृतिक खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को क्वांटिटी (मात्रा) के स्थान पर क्वॉलिटी (गुणवत्ता) वाली खेती पर ध्यान देना चाहिए।

अन्नदाता को कर्ज मुक्त बनाने का संकल्प

विशिष्ट अतिथि और सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री कनीराम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना से 2021 में सहकारिता मंत्रालय बना, जिसने इस क्षेत्र को नई मजबूती दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें इस दिशा में काम करना होगा ताकि हमारे अन्नदाता (किसानों) को कभी कर्ज लेने की आवश्यकता ही न पड़े। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री केदार नाथ गुप्ता ने भी सहकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता और कृषि नवाचार पर अपने विचार रखे।

वरिष्ठ जनप्रितिनिधियों की रही गरिमामय उपस्थिति

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला सहकारी बैंक रायपुर के अध्यक्ष श्री निरंजन सिन्हा ने सहकारिता मंत्री का आभार व्यक्त किया, वहीं उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस भव्य समारोह में जिला सहकारी बैंक दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, राजनांदगांव के अध्यक्ष सचिन बघेल, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण दुबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, उपाध्यक्ष संदीप यदु सहित सहकारिता विभाग की संयुक्त आयुक्त किरण गुप्ता, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक केएन कांडे और बड़ी संख्या में सहकारी संस्थाओं के अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन अनुराधा शुक्ला द्वारा और आभार प्रदर्शन बैंक के वरिष्ठ अधिकारी एसपी चंद्राकर द्वारा किया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल