राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुरिया दरबार में मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरिन से करेंगी भेंट

 


जगदलपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रस्मों में शुमार मुरिया दरबार को लेकर बीते कुछ दिनों से चल रही तमाम अटकलों और चर्चाओं पर अब पूरी तरह विराम लगा दिया गया है। बस्तर दशहरा समिति द्वारा स्थिति स्पष्ट करते हुए अवगत कराया गया है कि 23 अक्टूबर को आयोजित होने वाला यह पारंपरिक मुरिया दरबार अपने पूर्व निर्धारित और ऐतिहासिक स्थल यानी सिरहासार भवन में ही आयोजित किया जाएगा।

इस ऐतिहासिक एवं पारंपरिक मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होने जा रही हैं और इस दौरान राष्ट्रपति बस्तर के मांझी- चालकी, मेम्बर- मेम्बरिन एवं अन्य सदस्यों से भेंट करेंगी। मुरिया दरबार हर साल की भांति इस वर्ष भी सिरहासार भवन में ही आयोजित होगा। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को निभाते हुए स्पष्ट कर दिया गया है कि इस वर्ष भी आयोजन स्थल में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।

वहीं 23 अक्टूबर को बस्तर दशहरा उत्सव के उपलक्ष्य में आमसभा लालबाग मैदान जगदलपुर में होगी। इस आमसभा के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही मुरिया दरबार का नाम बदले जाने को लेकर फैल रही खबरों को भी सिरे से खारिज करते हुए बस्तर दशहरा समिति ने स्पष्ट किया कि नाम परिवर्तन की बात पूरी तरह निराधार और अफवाह मात्र है।

बस्तर दशहरा समिति की ओर से वितरित किए जा रहे निमंत्रण पत्र में भी स्पष्ट तौर पर मुरिया दरबार का ही उल्लेख किया गया है, जिससे यह साफ होता है कि सदियों पुरानी इस सामाजिक-सांस्कृतिक धरोहर के स्वरूप या पहचान से कोई छेड़-छाड़ नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर बस्तर दशहरा के पावन अवसर पर आम जनता और आगंतुकों की सुविधा के लिए लालबाग मैदान में प्रदर्शनी और आमसभा का आयोजन किया जा रहा है, ताकि दोनों कार्यक्रम अपनी-अपनी गरिमा और स्वरूप के साथ सुगमता से संपन्न हो सकें। इस बारे में जनसामान्य से किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों और अपुष्ट अफवाहों पर ध्यान न देने का अनुरोध किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे