धमतरी में 150 करोड़ के बायो गैस संयंत्र की तैयारी, हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
औद्योगिक निवेश, किसानों की आय और रोजगार सृजन की नई उम्मीद
धमतरी, 07 मई (हि.स.)। जिले में औद्योगिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। धमतरी में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) संयंत्र स्थापित करने को लेकर गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड और ऑयल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
प्रस्तावित संयंत्र को जिले के लिए बड़ी औद्योगिक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि कृषि अवशेषों और जैविक संसाधनों के बेहतर उपयोग से किसानों को अतिरिक्त आय का लाभ भी मिलेगा। खासतौर पर धान आधारित अपशिष्ट का उपयोग हरित ऊर्जा उत्पादन में किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। बैठक में ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संतनु कुमार सैकिया, महाप्रबंधक राजीव कुमार तमुली तथा ऑयल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के सलाहकार सुदीश कुमार सिंह उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने जिले में उपलब्ध कृषि संसाधनों, कच्चे माल, परिवहन सुविधाओं और निवेश की संभावनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने निवेशकों को जिले में उपलब्ध भूमि, अधोसंरचना, परिवहन नेटवर्क और प्रशासनिक सहयोग की जानकारी देते हुए कहा कि धमतरी जिला कृषि आधारित उद्योगों और हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बेहद उपयुक्त है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन उद्योग स्थापना के लिए हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा। बैठक में खाद्य, सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारियों के अलावा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक तथा राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। राइस मिलर्स एसोसिएशन ने जिले में उपलब्ध धान अवशेष और कृषि आधारित संसाधनों की जानकारी साझा की, जो संयंत्र संचालन के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
बैठक में परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया, आवश्यक समन्वय और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि सीबीजी परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, कृषि अपशिष्ट प्रबंधन मजबूत होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा