धमतरी में रामनवमी की तैयारियां शुरू, मंत्रोच्चार के साथ श्री राम रथ की पूजा

 




धमतरी, 16 मार्च (हि.स.)। शहर में इस वर्ष भी रामनवमी पर्व को लेकर उत्साह का माहौल बनना शुरू हो गया है। रामनवमी के भव्य आयोजन की तैयारियों के तहत मंत्रोच्चार के साथ श्री राम रथ की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। यह परंपरा पिछले 17 वर्षों से चली आ रही है और इस वर्ष धमतरी में रामनवमी की 18वीं भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन की तैयारी को लेकर श्रद्धालु जुटे हुए हैं। इस बार 26 मार्च को रामनवमी है।

प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी रामनवमी से पहले प्रभु श्री राम के रथ को सजाने और शोभायात्रा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से गंगाजल छिड़ककर विशेष पूजा की गई। यह अनुष्ठान रथ को पवित्र और शोभायात्रा के लिए तैयार करने की परंपरा का हिस्सा है। इसके बाद भगवान राम रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं।

श्री राम रथ की पूजा-अर्चना बनियापारा स्थित श्री सिद्धेश्वर महाकालेश्वर मंदिर के पास रखे रथ पर संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राम भक्त और युवाओं की टोली उपस्थित रही। युवाओं ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी रामनवमी की भव्य शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

रामनवमी आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी शोभायात्रा श्री सिद्धेश्वर महाकालेश्वर मंदिर, बनियापारा से प्रारंभ होगी। इस आयोजन में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। शोभायात्रा में विभिन्न धार्मिक झांकियां, आकर्षक झलकियां और कलाकारों की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी। समिति के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ ही रामनवमी आयोजन की तैयारियां विधिवत शुरू हो गई हैं। आयोजन से पूर्व एक भव्य बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शोभायात्रा की विस्तृत रूपरेखा, व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

धमतरी में निकलने वाली ऐतिहासिक रामनवमी शोभायात्रा का अपना अलग ही उत्साह और महत्व है। इसे देखने के लिए शहर के अलावा आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। शोभायात्रा का शहर के 50 से अधिक स्थानों पर स्वागत किया जाता है, जो इसकी खास पहचान है। जगह-जगह स्वागत द्वार, पुष्प वर्षा और भक्तिमय वातावरण के बीच निकलने वाली यह शोभायात्रा हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उत्साह का केंद्र बनती है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा