सरप्लस बिजली के दावे के बीच कटौती जारी, उपभोक्ता परेशान

 


धमतरी, 21 अप्रैल (हि.स.)।धमतरी जिले में भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति की अनियमितता ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। सरप्लस बिजली होने के दावों के बावजूद ग्राम मुजगहन सहित कई गांव व शहर के कुछेक वार्ड में लगातार बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। पिछले दो दिनों से दिन-रात बार-बार बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शहर के अलग-अलग वार्डों में मेंटनेंस के नाम पर की जा रही बिजली कटौती ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है।

सोमवार रात ग्राम मुजगहन में हालात और खराब रहे, जहां पूरी रात उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ा। भीषण गर्मी के चलते लोग पंखे, कूलर और एसी का सहारा ले रहे हैं, लेकिन बिजली की आंखमिचौली से राहत नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण पंडित राजकुमार तिवारी, रामसिंग मंडावी, अजय कुमार वर्मा, भीम सेन, सुरेश सेन और जय साहू ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से लगातार बिजली कटौती हो रही है। वहीं पवन साहू और कृष्णा साहू का कहना है कि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। बिजली कटौती के कारण आनलाइन कार्य और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस साल बिजली व्यवस्था अधिक खराब हो गई है। आए दिन तकनीकी खराबियों के चलते बिजली गुल कर दी जाती है। हल्की हवा या मामूली मौसम परिवर्तन में भी सप्लाई बाधित हो जाती है, और बहाली में लंबा समय लग जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है।

गर्मी के इस मौसम में बिजली उपकरणों का उपयोग बढ़ गया है। ऐसे में लगातार लो-वोल्टेज रहने से पंखे, कूलर, एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। उपभोक्ताओं ने विभाग से जल्द व्यवस्था सुधारने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। मेंटनेंस के नाम पर की जा रही बिजली कटौती ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। मंगलवार को दोपहर लगभग एक बजे से सिहावा चौक और नवागांव क्षेत्र सहित शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने के कारण गर्मी अपने चरम पर है। ऐसे में अचानक घंटों तक बिजली बंद रहने से घरों में रहने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कूलर पंखे बंद होने से लोगों को उमस और गर्मी से जूझना पड़ा।

बाबूलाल साहू, गयाराम साहू का कहना है कि मरम्मत कार्य जरूरी है, लेकिन इसके लिए सही समय और पूर्व सूचना देना भी उतना ही जरूरी है। भीषण गर्मी के समय दोपहर में बिजली बंद करना लोगों की परेशानी को और बढ़ा देता है। बिजली विभाग द्वारा मेंटनेंस कार्य की पूर्व सूचना भी ठीक से नहीं दी गई, जिससे लोग किसी प्रकार की तैयारी नहीं कर सके। व्यापारी वर्ग भी इससे प्रभावित हुआ, दुकानों में ग्राहक कम पहुंचे और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रहने से कामकाज प्रभावित हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा