अंबिकापुर : 19 हजार का बिजली बिल बना बोझ, सरकार की योजना से 6 हजार में निपटा पूरा हिसाब

 


अंबिकापुर, 17 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ सरकार की “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” अब आम लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आ रही है। सालों से बढ़ते बिजली बिल और उस पर लगते ब्याज-सर्चार्ज से परेशान परिवारों को इस योजना ने नई उम्मीद दी है। खासकर ग्रामीण और सीमित आय वाले उपभोक्ताओं के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है, जो आर्थिक दबाव के चलते बिल चुकाने में असमर्थ थे।

सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड के पोड़ी ग्राम पंचायत की रहने वाली सुनीता की कहानी इस योजना की सफलता को बखूबी बयां करती है। लंबे समय से बकाया बिजली बिल को लेकर परेशान सुनीता का बिल बढ़ते-बढ़ते 19,970 रुपये तक पहुंच गया था। इतनी बड़ी रकम एकमुश्त जमा करना उनके लिए संभव नहीं था, जिससे उनके मन में लगातार बिजली कटने का डर बना रहता था, लेकिन जैसे ही उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया। उनका प्रकरण तेजी से निपटाया गया और उन्हें करीब 75 प्रतिशत तक की छूट मिल गई। इसके बाद उन्होंने सिर्फ 6,200 रुपये जमा कर पूरा बकाया साफ कर लिया।

योजना का लाभ मिलने के बाद सुनीता के चेहरे पर साफ तौर पर राहत और संतोष नजर आया। उन्होंने बताया कि पहले बिजली बिल को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब पूरी तरह निश्चिंत महसूस कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जैसे कई परिवारों को बड़ी राहत दी है।

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाना है, जो किसी कारणवश समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे। योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज में छूट देकर न केवल उपभोक्ताओं का बोझ कम किया जा रहा है, बल्कि बिजली विभाग को भी बकाया राशि की वसूली में मदद मिल रही है और विद्युत आपूर्ति सुचारू बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अंबिकापुर कार्यपालन अभियंता रोशन नागवंशी के अनुसार, इस योजना की शुरुआत 12 मार्च 2026 को की गई है। वर्ष 2023 तक के बकाया उपभोक्ताओं को इसमें विशेष छूट का लाभ दिया जा रहा है। इच्छुक उपभोक्ता ‘मोर बिजली ऐप’ के जरिए घर बैठे पंजीयन कर सकते हैं, वहीं जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर पाते, वे सीधे बिजली विभाग के कार्यालय में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।

सरकार की यह पहल अंत्योदय और सुशासन के संकल्प को मजबूत करते हुए हजारों परिवारों को राहत पहुंचा रही है। सुनीता की तरह अब कई उपभोक्ता बकाया बिजली बिल के बोझ से मुक्त होकर राहत की सांस ले रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह