नक्सल प्रभावित रहे चिंतागुफा में पुलिस गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सुन रही समस्याएं
सुकमा , 14 अगस्त (हि.स.)।सुकमा जिले का चिंतागुफा क्षेत्र कभी नक्सलियों के प्रभाव और डर के लिए पहचाना जाता था,अब बदलाव की नई तस्वीर पेश कर रहा है। पहले जहां ग्रामीणों के बीच नक्सलियों का डर और उनकी गतिविधियों का असर था, वहीं अब पुलिस और प्रशासन की पहुंच बढ़ने से लोगों में भरोसा बढ़ रहा है। इसी बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए सुकमा पुलिस ने 'निवा दुवाड़ ते' अभियान शुरू किया है।
सुकमा पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का अर्थ 'आपके द्वार' है। इसके तहत पुलिस जवान गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर रहे हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। पुलिस अब ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी जरूरतों और परेशानियों की जानकारी ले रही है।
चिंतागुफा समेत सुकमा के कई इलाके लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। सुरक्षाबलों की कार्रवाई, विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ने से अब हालात बदल रहे हैं। पुलिस ग्रामीणों से लगातार संवाद कर भरोसे का रिश्ता मजबूत करने में जुटी है।अभियान के तहत गांवों की मूलभूत समस्याओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पानी, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परेशानियों को संबंधित विभागों और प्रशासन तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुकमा पुलिस का संदेश है कि विश्वास का रिश्ता, संवाद के साथ। कभी नक्सली डर के साए में रहने वाले इलाकों में पुलिस का ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचना बदलाव की तस्वीर दिखा रहा है। अब सुरक्षा के साथ संवाद, विकास और जनविश्वास को प्राथमिकता देकर क्षेत्र को शांति और विकास की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे