अंबिकापुर : भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी पीएम जनमन योजना, बनते ही उखड़ने लगी करोड़ों की लागत वाली सड़क
अंबिकापुर, 07 मई (हि.स.)। अति पिछड़ी जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित 'प्रधानमंत्री जनमन योजना' (पीएम-जनमन) सरगुजा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। मैनपाट क्षेत्र के कदनई से लोटाभावना तक लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई ढाई किलोमीटर लंबी पक्की सड़क अपनी गुणवत्ता की पोल खुद खोल रही है।
विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की कथित मिलीभगत का आलम यह है कि महज चार दिन पहले बनकर तैयार हुई यह सड़क अब जगह-जगह से उखड़ने लगी है। दुर्गम इलाकों में रहने वाले पहाड़ी कोरवा और मांझी जैसे विशेष रूप से संरक्षित जनजातीय समूहों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस 'प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान' के तहत निर्मित यह मार्ग पहली बारिश भी नहीं झेल सका।
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण के दौरान ही सड़क की घटिया गुणवत्ता को लेकर आवाज उठाई थी और कार्य में सुधार की मांग की थी, लेकिन उनकी शिकायतों को पूरी तरह अनसुना कर दिया गया। विभागीय संरक्षण के चलते ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण कार्य पूरा कर दिया, जिसका परिणाम अब सामने है। करोड़ों की लागत से बनी यह सड़क अब गिट्टियों के ढेर में तब्दील हो रही है, जिससे क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने का सरकारी दावा खोखला साबित हो रहा है। घटना की गंभीरता और ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
विधायक ने निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक के कड़े तेवर और जांच की चेतावनी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में विभागीय अधिकारियों ने गुरुवार काे मौके पर पहुंचकर मरम्मत का कार्य प्रारंभ कराया है, जहाँ सड़क के प्रभावित हिस्सों को उखाड़कर फिर से निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीणों ने अब भी इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर लगाम कसी जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह