प्रधानमंत्री के संस्थागत बदलाव एवं प्रक्रियागत सुधारों ने स्थापित किए नए प्रतिमान : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

 


जगदलपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को जगदलपुर में पत्रकारवार्ता काे संबाेधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल तक विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख किया।

उन्हाेंने कहा कि 07 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। उन्होंने गुजरात में शासन व्यवस्था में हुए संस्थागत बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने, सरकारी व्यवस्था में सक्रियता लाने और जनसरोकार से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 05, 06 और 07 अक्टूबर को कांकेर, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव और बस्तर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों की पहचान, पंजीयन और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सहायता का कार्य किया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सहकारी संस्थाओं और डेयरी क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात में सहकारी संस्थाओं ने बड़े स्तर पर व्यवसाय खड़ा किया और उसके लाभांश का लाभ किसानों एवं पशुपालकों तक पहुंचा। उन्होंने अमूल और जिलास्तर की डेयरी सहकारी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। शर्मा ने विद्या समीक्षा केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से स्कूल शिक्षा की निगरानी और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को समझने की व्यवस्था विकसित की गई है। उन्होंने कहा कि केवल भवनों का निर्माण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस भवन में व्यवस्था, प्रक्रिया और संस्थाओं का लगातार प्रभावी ढंग से संचालन होना अधिक महत्वपूर्ण है।

उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए मेडिकल शिक्षा, एयरपोर्ट, सुरंग, पुल, बुनियादी ढांचे और देश में उत्पादन को बढ़ावा देने वाली ‘मेक इन इंडिया’ पहल सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल बड़े निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं और प्रक्रियाएं विकसित करना है, जो लंबे समय तक निरंतर चलती रहें और समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने इसे समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन और कार्यकाल को सेवा के लिए समर्पित किया है और इसी भावना के साथ उनके जन्मदिवस के अवसर से एक माह तक विभिन्न सेवा कार्यों का आयोजन किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दिव्यांगजनों के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान एक भावुक और प्रेरणादायक क्षण भी देखने को मिला, जब एक दिव्यांग व्यक्ति, जिसने अपना पैर खो दिया था, कृत्रिम पैर लगाकर बैसाखी छोड़कर लोगों के सामने चलकर दिखाया। उन्होंने इसे समाज के लिए गर्व और संवेदना से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षण बताया।उन्होंने कहा कि यह प्रयास केवल किसी एक प्रकार की दिव्यांगता तक सीमित नहीं है, बल्कि जिसकी भी समस्या है, उसे साथ लेकर चलने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक करीब 3600 पंजीयन सामने आए हैं। यह कार्य सरकारी व्यवस्था तक सीमित न होकर समाज की सहभागिता और भगवान महावीर दिव्यांगता सेवा समिति के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 5 से 7 अक्टूबर तक बस्तर क्षेत्र और जगदलपुर में यह अभियान संचालित किया जा रहा है, जबकि 15 और 17 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों से दिव्यांगजनों को जोड़कर इसी प्रकार सेवा का प्रयास किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे