प्रधानमंत्री का संवाद जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण की भावना को देता है नई ऊर्जा : मंत्री राजेश अग्रवाल

 


पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शासकीय आवास में सुना ‘मन की बात’ का 137वां संस्करण

रायपुर 30 अगस्त (हि.स.)। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज रविवार काे रायपुर स्थित अपने शासकीय आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश की विविध उपलब्धियों, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। कार्यक्रम में इतिहास को डिजिटल माध्यमों से संरक्षित करने के अभिनव प्रयासों से लेकर युवाओं को नशे से दूर रखने, स्वच्छता, स्थानीय उद्यमिता, कृषि में वैज्ञानिक नवाचार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने इतिहास और देश की समृद्ध विरासत को आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए सहेजने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे प्रयासों को आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत, गौरव और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। इतिहास, लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक धरोहरों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। इससे हमारी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।

प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान के तहत ड्रग फ्री इंडिया के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनकी ऊर्जा को रचनात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने पर विशेष जोर दिया गया।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि युवा शक्ति भारत के भविष्य की आधारशिला है। स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सकते हैं। समाज के हर वर्ग को मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करना होगा।

प्रधानमंत्री ने अगस्त माह में देशभर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्राओं का उल्लेख करते हुए इनमें लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी को राष्ट्रभावना की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यटन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। स्वच्छ पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा करते हैं। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल