गिरदावरी प्रक्रिया में बदलाव का पटवारियों ने किया विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 


बलरामपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। खरीफ गिरदावरी 2026-27 की प्रक्रिया में अचानक बदलाव किए जाने के विरोध में बलरामपुर जिले के राजस्व पटवारी संघ ने आज बुधवार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

संघ ने ऑनलाइन फसल एंट्री के लिए पटवारी आईडी बंद करने और 18 सितंबर से पीवी ऐप के माध्यम से फसल गिरदावरी कराने के निर्देश पर आपत्ति जताई है। पटवारियों का कहना है कि अचानक प्रक्रिया बदलने से निर्धारित समय सीमा में गिरदावरी का काम पूरा करना मुश्किल होगा।

ज्ञापन में बताया गया है कि, शासन ने खरीफ गिरदावरी 2026-27 के लिए 17 अगस्त से 30 सितंबर तक का समय निर्धारित किया था। इसके तहत प्रदेश के पटवारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डीसीएस और ऑनलाइन माध्यम से फसल गिरदावरी का कार्य कर रहे थे। संघ के अनुसार बिना पूर्व सूचना के ऑनलाइन फसल एंट्री को पटवारी आईडी से बंद कर दिया गया और 18 सितंबर को पीवी ऐप से गिरदावरी करने का निर्देश जारी किया गया।

पटवारी संघ ने डीसीएस के मौजूदा नक्शे को लेकर भी तकनीकी समस्या बताई है। संघ के अनुसार डीसीएस का नक्शा करीब तीन वर्ष पुराना है और तकनीकी खामियों के कारण मौके पर विभाजित किए गए कई नक्शे अब तक डीसीएस में शामिल नहीं हो सके हैं। ऐसे में जिन खसरों का नक्शा विभाजन नहीं हुआ है, उन्हें मौके पर किसान की सहमति के बिना चिन्हित करना व्यवहारिक और नियमानुकूल नहीं है।

ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में खेतों में खरीफ की फसल लगी हुई है और कई स्थानों पर पानी भराव की स्थिति है। ऐसे में प्रत्येक खेत के चारों कोनों में जाकर पीवी ऐप में फोटो लेना कठिन है। इसके अलावा कई गांवों में 1,500 से लेकर 15 हजार तक खसरे फसल गिरदावरी के लिए शेष हैं। पटवारियों का कहना है कि कम समय में और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इतने बड़े पैमाने पर पीवी ऐप से गिरदावरी पूरा करना संभव नहीं है।

संघ ने कहा है कि अचानक लिए गए इस निर्णय से धान सहित अन्य खरीफ फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। पटवारी संघ ने कलेक्टर से गिरदावरी प्रक्रिया में किए गए बदलाव पर पुनर्विचार करने तथा पूर्व निर्धारित डीसीएस एवं ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से कार्य कराने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय