तीन राज्यों की सीमा से जुड़े इंद्रावती टाइगर रिजर्व की पेट्रोलिंग बांस की नावों से होगी
बीजापुर, 04 सितंबर (हि.स.)। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों और जंगल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अब नदी मार्ग से पेट्रोलिंग की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बांस से तैयार नावों का उपयोग किया जाएगा।
टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय निदेशक उत्तम कुमार गुप्ता ने शुक्रवार काे बताया कि महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में नदी मार्ग से वन सुरक्षा के लिए की जाने वाली पेट्रोलिंग की तर्ज पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व में भी बांस की नावों से निगरानी शुरू करने की योजना है। स्थानीय संसाधनों से तैयार बांस की नावों के इस्तेमाल से वन विभाग को नदी के उन हिस्सों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी, जहां सामान्य वाहनों या पैदल गश्त के जरिए पहुंचना मुश्किल होता है। इससे इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा तंत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि बांस की नावों के उपयोग से नदी क्षेत्र में वन अमले की पहुंच बढ़ेगी और सीमावर्ती इलाकों की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। इस संबंध में आईटीआर के डीएफओ, एसडीओ, रेंजर सहित मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। तीन राज्यों की सीमा से जुड़ा इंद्रावती टाइगर रिजर्व का विशाल वन क्षेत्र महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की सीमाओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे में वन्य जीवों की सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखना वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। नदी पेट्रोलिंग शुरू होने से जंगल के साथ नदी क्षेत्र में भी वन अमले की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे