राज्यस्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह एवं छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन 14 अगस्त को
विभाजन की पीड़ा को स्मरण कर एकता और सद्भाव का संकल्प लेगा छत्तीसग
रायपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। देश के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में से एक वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी, विस्थापन, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाएगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित राजभवन के पास पुरातत्व संचालनालय परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में विभाजन की त्रासदी से जुड़े छायाचित्रों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसके माध्यम से नई पीढ़ी को देश के विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष से परिचित कराया जाएगा।
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध निर्देशक, निर्माता एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति सच्चिदानंद शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित चर्चित चलचित्र ‘पिंजर’ के निर्देशक तथा प्रसिद्ध धारावाहिक ‘चाणक्य’ में अपने अभिनय के लिए भी जाने जाते हैं।
समारोह में पीठाधीश्वर युधिष्ठिर लाल महाराज जी, पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक गण राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष यशवंत जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, लेकिन स्वतंत्रता के साथ देश को विभाजन की ऐसी भीषण त्रासदी से गुजरना पड़ा, जिसने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। भारत के विभाजन के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर, गांव, जमीन-जायदाद और आजीविका छोड़कर अनजान स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा। विभाजन के दौरान व्यापक हिंसा, अव्यवस्था और मानवीय पीड़ा का दौर देखने को मिला। असंख्य लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया और लाखों परिवारों का जीवन हमेशा के लिए बदल गया। भारत सरकार की विभाजन संबंधी ऐतिहासिक सामग्री में लगभग दो करोड़ लोगों के प्रभावित होने का उल्लेख मिलता है।
इसी ऐतिहासिक पीड़ा और विभाजन के दौरान हुए संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त 2021 को प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य विभाजन के पीड़ितों और विस्थापित परिवारों के संघर्ष एवं बलिदान को सम्मान देना तथा वर्तमान और भावी पीढ़ियों को उस दौर की मानवीय त्रासदी से परिचित कराना है।
छायाचित्र प्रदर्शनी में दिखेगा विभाजन का मानवीय पक्ष
रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित होने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी इस आयोजन का विशेष आकर्षण होगी। प्रदर्शनी में विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक छायाचित्रों और घटनाओं के माध्यम से उस समय की परिस्थितियों को सामने लाया जाएगा। विस्थापन के लिए मजबूर परिवार, अपने घर-गांव छोड़कर जाते लोग, शरणार्थी शिविर, पलायन की पीड़ा और उस दौर की सामाजिक परिस्थितियां नई पीढ़ी को इतिहास के उस अध्याय से जोड़ने का माध्यम बनेंगी।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देशभर में प्रदर्शनी, संगोष्ठी, मौन मार्च, चलचित्र प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा भी विभाजन की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए छायाचित्र प्रदर्शनियों, मौन मार्च, परिचर्चाओं, पुस्तकों के प्रकाशन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया है। भारत सरकार की ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पहल के अंतर्गत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के लिए व्यापक छायाचित्र प्रदर्शनी सामग्री भी तैयार की गई है। इसका उद्देश्य विभाजन की घटनाओं और उसके मानवीय प्रभाव को दस्तावेजों, छायाचित्रों और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम इसी व्यापक उद्देश्य की कड़ी है। संस्कृति के माध्यम से इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को देश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रसंगों से परिचित कराने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में इतिहास, साहित्य, संस्कृति और चलचित्र जगत से जुड़े वक्ताओं की उपस्थिति इसे विशेष वैचारिक आयाम प्रदान करेगी। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसे इतिहास और संस्कृति की पृष्ठभूमि पर सृजन करने वाले प्रसिद्ध निर्देशक तथा सच्चिदानंद शुक्ला जैसे शिक्षाविद् एवं साहित्यिक दृष्टि रखने वाले वक्ता विभाजन की ऐतिहासिक और मानवीय परिस्थितियों पर अपने विचार साझा करेंगे।
मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी और राज्यस्तरीय समारोह के माध्यम से लोगों को इतिहास के उस अध्याय को समझने का अवसर मिलेगा, जिसने स्वतंत्र भारत की यात्रा पर गहरा प्रभाव डाला। यह आयोजन देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को और मजबूत करने का संदेश देगा।
राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह 14 अगस्त को दोपहर 12.30 बजे रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, पुरातत्व संचालनालय, राजभवन के पास, सिविल लाइन में आयोजित होगा। समारोह के साथ छायाचित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। यह आयोजन स्वतंत्रता के उल्लास के साथ इतिहास के दर्द को भी स्मरण करने की भारतीय परंपरा को मजबूत करेगा और यह संदेश देगा कि अतीत की त्रासदियों से सीख लेकर वर्तमान में सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्र की अखंडता को और मजबूत करना ही उन सभी पीड़ितों और विस्थापितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल