कोरबा: पहाड़ी कोरवा छात्र समर की पढ़ाई को मिला नया सहारा, छात्रावास की सुविधा से नियमित हुई शिक्षा
कोरबा, 11 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास की सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की राह आसान बना रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति के छात्र समर कोरवा के जीवन में भी छात्रावास की सुविधा से सकारात्मक बदलाव आया है। रहने, भोजन और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिलने से अब समर नियमित रूप से विद्यालय जा रहे हैं और अपनी शिक्षा पर बेहतर ध्यान दे पा रहे हैं।
समर कोरवा के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनकी पढ़ाई में कई तरह की परेशानियां आ रही थीं। घर से विद्यालय की दूरी और सीमित संसाधनों के चलते नियमित रूप से स्कूल पहुंचना कठिन था। वहीं परिवार के लिए पढ़ाई के साथ रहने और भोजन की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इन परिस्थितियों में समर की शिक्षा प्रभावित हो रही थी।
आदिवासी विकास विभाग की अनुसूचित जनजाति छात्रावास योजना के अंतर्गत समर को फत्तेगंज स्थित बालक छात्रावास में प्रवेश मिला। यहां आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध होने से उनकी कई समस्याएं दूर हो गईं। छात्रावास में पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलने के साथ विद्यालय आना-जाना भी आसान हो गया है। इसका सकारात्मक असर उनकी शिक्षा पर दिखाई दे रहा है।
समर कोरवा बताते हैं कि छात्रावास में पढ़ाई का अच्छा माहौल है। यहां रहने से वे नियमित रूप से विद्यालय जा पा रहे हैं और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। छात्रावास की सुविधा मिलने से उनके परिवार की चिंता भी काफी हद तक कम हुई है।
उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले के दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा शिक्षा से जुड़े रहने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आवासीय सुविधा मिलने से विद्यालय की दूरी और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों से राहत मिलती है।
समर कोरवा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने पर ग्रामीण और विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थी भी अपनी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रख सकते हैं। छात्रावास की सुविधा ने समर को न केवल शिक्षा जारी रखने का अवसर दिया है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदों को भी नई दिशा दी है।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी