नवंबर में धान खरीद प्रस्तावित, गिरदावरी का काम अधूरा

 


पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व के काम ठप, आरआई संघ ने भी दिया समर्थन

धमतरी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में 15 नवंबर से धान खरीद प्रस्तावित है, लेकिन अब तक गिरदावरी का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से धान खरीद की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। गिरदावरी का काम अधूरा रहने से शासन को खरीद की तिथि आगे बढ़ाने पर विचार करना पड़ सकता है। इधर, राजस्व पटवारी संघ और शासन के बीच मांगों को लेकर हुई वार्ता भी बेनतीजा रही है।

राजस्व पटवारी संघ के बैनर तले पटवारी विभिन्न मांगों को लेकर गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण बटांकन, सीमांकन, किसान पंजीयन, बंटवारा, नामांतरण, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जमीन की खरीदी-बिक्री के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने से रजिस्ट्री संबंधी कामकाज पर भी असर पड़ रहा है, जिससे शासन को राजस्व की हानि होने की आशंका है। इसके अलावा बैंक ऋण संबंधी प्रकरण, न्यायालयीन प्रतिवेदन, गिरदावरी और घटना-दुर्घटना से जुड़े मामलों में राजस्व विभाग की कार्रवाई भी प्रभावित हो रही है।

पटवारियों की हड़ताल लंबी खिंचने से आम नागरिकों को अपने जरूरी कामों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अहम बात यह है कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की तैयारी है, लेकिन गिरदावरी पूरी नहीं होने से किसानों के पंजीयन और खरीदी व्यवस्था को लेकर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। संचालक विनीत नंदनवार के साथ राज्य के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई, लेकिन उसमें कोई समाधान नहीं निकल पाया। मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण पटवारियों की हड़ताल जारी है।

धरने में धमतरी तहसील अध्यक्ष प्रवीण टिकरिहा, मगरलोड से हरीश ध्रुव, कुरूद से लक्ष्मण नरेटी, भखारा से सौरभ साहू, नगरी से नोहर लाल और कुकरेल से द्विजराम मरकाम सहित सुरेंद्र ध्रुव, विकास साहू, प्रकाश साहू, रमेश लहरे, बोधनारायण साहू, विमला साहू, बबीता साहू, लक्ष्मी ध्रुव, दीपमाला पटवा, प्रतिमा नेताम, कुसुमलता रामटेके, पारस चंद्राकर, प्रमोद मिश्रा, भावना घोरपड़े, ममता सिन्हा और डामेश्वरी देवांगन सहित अन्य पटवारी शामिल रहे। अब आंदोलन और वार्ता के अगले दौर पर नजरें टिकी हैं, क्योंकि गिरदावरी में देरी का असर धान खरीदी की तैयारियों और आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्यों पर पड़ सकता है।

राजस्व निरीक्षक संघ का मिला साथ:

शुक्रवार को राजस्व निरीक्षक संघ ने गांधी मैदान धरना मंच पहुंचकर पटवारियों की हड़ताल को समर्थन दिया। इससे आंदोलन को और मजबूती मिली है। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष वासुदेव भोई ने बताया कि, पीवी एप की अव्यावहारिकता, तकनीकी कमियों और जमीनी स्तर पर काम करने के दौरान आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए आवश्यक सुधार की मांग की जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को तत्काल वापस लेने की मांग भी शामिल है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा