कोरबा में हाथी के हमले से धान खरीद केंद्र के फड़ प्रभारी की मौत, धान उठाव में देरी पर उठे गंभीर सवाल

 




कोरबा, 05 मार्च (हि. स.)। आकांक्षी जिला कोरबा में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के उठाव में भारी लापरवाही के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। कोरकोमा समिति के कुदमुरा उपार्जन केंद्र में शासकीय धान की रखवाली कर रहे फड़ प्रभारी की दंतैल हाथी के हमले में मौत हो गई। यह घटना गुरुवार तड़के की है, जिसने जिले में हड़कंप मचा दिया है। घटना का पूरा दृश्य उपार्जन केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गया है।

जानकारी के अनुसार कुदमुरा उपार्जन केंद्र में लगभग 1100 क्विंटल धान रखा हुआ था, जिसकी कीमत करीब 27 लाख 57 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसी धान की रखवाली के लिए तैनात फड़ प्रभारी राजेश सिंह रात में ड्यूटी पर थे। इसी दौरान एक दंतैल हाथी उपार्जन केंद्र में घुस आया और उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे जिले में शोक और आक्रोश का माहौल है।

बताया जा रहा है कि जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीद अभियान 7 फरवरी को समाप्त हुआ था। जिले के 43 हजार 681 किसानों ने कुल 27 लाख 47 हजार 101 क्विंटल धान बेचा, जिसकी कीमत लगभग 650 करोड़ 78 लाख 82 हजार 742 रुपये रही। नियम के अनुसार खरीदे गए धान का उठाव न्यूनतम 72 घंटे और अधिकतम 10 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए, लेकिन इस वर्ष धान परिवहन व्यवस्था में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। परिणामस्वरूप फरवरी माह समाप्त होने के बाद भी जिले के कई उपार्जन केंद्रों में लाखों क्विंटल धान जाम पड़ा हुआ है।

इस घटना के बाद सहकारी समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मृतक कर्मचारी के परिजनों से मुलाकात कर तत्काल 10 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की। साथ ही अधिकारियों के समक्ष हाथी प्रभावित धान खरीद केंद्रों से तत्काल धान उठाव और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी। इस दौरान उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं एमआर ध्रुव की मौजूदगी में संघ के पदाधिकारी विनोद भट्ट, वेद प्रकाश वैष्णव, तुलेश्वर कौशिक, चंद्रशेखर कैवर्त, अशोक दुबे, दुलीचंद धीवर, कमल दुबे, मुरली मनोहर दुबे, दिनेश पटेल, दुर्योधन कंवर और शशिकांत वैष्णव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कोरकोमा समिति के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राठिया, प्रभारी प्रबंधक बृजभवन सिंह तंवर, सहकारी निरीक्षक एच.के. चौहान और पर्यवेक्षक मोहम्मद जमाल खान भी मौके पर उपस्थित थे।

वन विभाग ने भी हाथी के हमले से हुई मौत पर दी जाने वाली 6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि में से तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि मृतक के परिजनों को प्रदान की है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें रात 1 बजकर 34 मिनट पर एक कुत्ता अचानक दौड़ते हुए कैमरे के सामने से भागता दिखाई देता है। कुछ ही सेकंड बाद एक दंतैल हाथी उपार्जन केंद्र में प्रवेश करता है और तेजी से कर्मचारियों की ओर बढ़ता है। यह दृश्य बेहद भयावह है और इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौरतलब है कि कुदमुरा क्षेत्र में आधा दर्जन धान उपार्जन केंद्र हाथी प्रभावित हैं, जिनमें लेमरू, श्यांग, चिर्रा, बरपाली (कोरबा), चचिया और कुदमुरा शामिल हैं। इन केंद्रों में ही लगभग 28 हजार 994 क्विंटल धान अब भी पड़ा हुआ है, जिसकी कीमत करीब 6 करोड़ 86 लाख 86 हजार 786 रुपये बताई जा रही है।

घटना के बाद सहकारी कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि धान परिवहन व्यवस्था की लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई है। उनका आरोप है कि धान उठाव में देरी के लिए संबंधित अधिकारी और राइस मिलर जिम्मेदार हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों पर आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी