लबालब बांधों से किसानों के चेहरे खिले, बेहतर खरीफ फसल की उम्मीद
गंगरेल, माडमसिल्ली, सोंढूर और दुधावा में पर्याप्त जलभराव से सिंचाई की मजबूत स्थिति
धमतरी, 06 सितंबर (हि.स.)। जिले में इस मानसून हुई अच्छी बारिश और प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त जलभराव ने किसानों के चेहरों पर खुशी और बेहतर खरीफ फसल की उम्मीद जगा दी है। गंगरेल, माडमसिल्ली, सोंढूर और दुधावा सहित जिले के प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से खरीफ फसलों के लिए सिंचाई की मजबूत स्थिति बनी हुई है।
जलाशयों में पानी की अच्छी उपलब्धता से किसानों को मौसम की अनिश्चितता के बीच बड़ी राहत मिली है और इस वर्ष धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार की उम्मीद बढ़ी है। पिछले वर्ष भी जिले के प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त जलभराव रहा था, जिसका सकारात्मक असर कृषि क्षेत्र पर देखने को मिला और किसानों को अच्छी पैदावार प्राप्त हुई थी। इस वर्ष भी मानसून के दौरान जलाशयों में पर्याप्त पानी होने से खेती-किसानी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं। जल उपलब्धता के साथ कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय पर खाद, बीज और आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जरूरत के अनुसार किसानों को कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए जल, कृषि आदान और आधुनिक तकनीक की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जलाशयों में पर्याप्त पानी किसानों के लिए बड़ी राहत और उम्मीद का आधार है। खरीफ फसल के लिए खाद-बीज समय पर उपलब्ध कराया गया है तथा आवश्यकता के अनुसार किसानों को आगे भी उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रोन तकनीक से कीटनाशक छिड़काव की सुविधा भी किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव की व्यवस्था की गई है। इससे बड़े रकबे में कम समय में समान रूप से कीटनाशक का छिड़काव किया जा सकेगा। किसानों को पारंपरिक तरीके की तुलना में समय और श्रम की बचत के साथ अपेक्षाकृत कम लागत में यह सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, उन्नत बीज, कीट प्रबंधन, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। ग्राम ढीमरटिकुर के किसान हरिनारायण ने बताया कि इस वर्ष खेतों में पर्याप्त नमी और जलाशयों में पानी होने से फसल को लेकर भरोसा बढ़ा है। समय पर खाद-बीज मिलने से खेती का काम सुचारू रूप से हुआ है। मौसम अनुकूल रहा तो इस बार भी धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। ग्राम सेलबहरा के किसान खीमांशु गजेसिंग ने कहा कि पर्याप्त पानी और कृषि विभाग की सुविधाओं से खेती में काफी सहूलियत मिली है। ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव जैसी आधुनिक सुविधा मिलने से कम समय में खेतों में दवा का छिड़काव किया जा सकेगा, जिससे मेहनत और लागत दोनों कम होने की उम्मीद है। जिले में जल संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता, समय पर कृषि आदानों की व्यवस्था और आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार से इस खरीफ मौसम में बेहतर उत्पादन की उम्मीद मजबूत हुई है। किसानों को भरोसा है कि अनुकूल मौसम, पर्याप्त पानी और समय पर मिल रही कृषि सुविधाओं का लाभ खेतों में लहलहाती फसल और बेहतर पैदावार के रूप में मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा