रायगढ़ में डायल-112 के पुराने वाहन चालकों ने उठाए नौकरी से हटाने के आरोप, सांसद से कार्रवाई की मांग
रायगढ़, 28 सितंबर (हि.स.)। डायल-112 सेवा में लंबे समय से कार्यरत वाहन चालकों ने नई ठेका कंपनी जीवीके ईएमआरआई पर बिना पूर्व सूचना के नौकरी से हटाने और नए वाहन चालकों की भर्ती में कथित तौर पर अवैध राशि वसूली के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में वाहन चालकों ने साेमवार काे रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद को आवेदन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, शिकायतकर्ता वाहन चालक पिछले 7-8 वर्षों से डायल-112 सेवा में कार्यरत हैं। पहले वे टाटा एबीपी कंपनी के तहत काम कर रहे थे और वर्तमान में जीवीके ईएमआरआई ठेका कंपनी के अधीन डायल-112 में वाहन चालक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। आवेदन में बताया गया है कि 11 फरवरी 2026 से जीवीके ईएमआरआई को डायल-112 के संचालन का कार्य सौंपा गया है।
वाहन चालकों का आरोप है कि कंपनी ने शुरुआत में पुराने वाहन चालकों को बिना किसी शर्त के काम पर रखा था, लेकिन 6 सितंबर 2026 को अचानक एक आदेश जारी कर वाहन चालकों के लिए 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया गया।
आवेदन में कहा गया है कि जो पुराने वाहन चालक 10वीं उत्तीर्ण नहीं हैं, उन्हें काम से हटाया जा रहा है। चालकों ने इस शर्त पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि वे कई वर्षों से डायल-112 सेवा में काम कर रहे हैं।
डायल-112 के पुराने चालकों को लेकर 10वीं पास की अनिवार्यता और नई कंपनी से संबंधित शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। फरवरी 2026 में रायगढ़ के डायल-112 चालकों ने नई कंपनी द्वारा प्रशिक्षण के नाम पर राशि मांगे जाने और नौकरी को लेकर समस्याओं के संबंध में पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा था।
आवेदन में जीवीके ईएमआरआई के जिला प्रबंधक पंकज दुबे और वाहन चालक मुकेश नायक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दोनों की मिलीभगत से नए वाहन चालकों से कथित तौर पर अवैध राशि लेकर उन्हें नौकरी पर रखा जा रहा है, जबकि पुराने वाहन चालकों को एक-एक कर हटाया जा रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुराने वाहन चालकों द्वारा विरोध किए जाने पर उन्हें धमकी दी जा रही है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा आवेदन में लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
8,100 रुपये सुरक्षा राशि वापस करने की मांग
वाहन चालकों ने बताया कि ठेका कंपनी बदलने के दौरान उनसे 8,100 रुपये सुरक्षा राशि जमा कराई गई थी। आवेदन के अनुसार यह राशि जीवीके ईएमआरआई ठेका कंपनी के खाते में जमा कराई गई थी।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यदि कंपनी उन्हें काम से हटाती है तो उनकी 8,100 रुपये की सुरक्षा राशि 12 प्रतिशत व्यावसायिक ब्याज सहित वापस की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान