होली पर ओडिशा–महाराष्ट्र के बजेंगे नगाड़े, रंगों के साथ गूंजेगी थाप

 




नगाड़ों और डफलियों से सजे चौक-चौराहे, महंगाई के बावजूद जमकर हो रही खरीदारी

धमतरी, 28 फ़रवरी (हि.स.)। फागुन की आहट के साथ ही शहर का बाजार रंग, गुलाल और नगाड़ों की गूंज से सराबोर हो उठा है। इस वर्ष चार मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा, और जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे नगाड़ा और डफलियों की मांग तेज होती जा रही है।

शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्र अंबेडकर चौक, रुद्री चौक, रुद्री रोड, रामबाग और घड़ी चौक इन दिनों रंगीन नगाड़ों से सजे नजर आ रहे हैं। दुकानों के बाहर टंगे बड़े-बड़े नगाड़े राहगीरों का ध्यान खींच रहे हैं, तो वहीं बच्चे और युवा उनकी थाप पर थिरकते नजर आ रहे हैं।

घड़ी चौक के पास नगाड़ा बेच रहे प्रिंस महोबिया, कैलाश नागारची और हेमंत जोशी बताते हैं कि हर साल होली से पहले वे विशेष रूप से नगाड़ों का स्टाक मंगाते हैं और त्योहार तक लगभग पूरा माल बिक जाता है। इस बार भी अच्छी बिक्री की उम्मीद है। ग्राहकों की पसंद के अनुसार बाजार में अलग-अलग आकार और कीमत के नगाड़े उपलब्ध हैं। छोटी डफली 100 से 200 रुपये में बिक रही है। छोटे नगाड़े करीब 1000 रुपये, मीडियम साइज 1500 से 2000 रुपये और बड़े नगाड़े 25 सौ से तीन हजार रुपये तक में मिल रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार, अधिकांश नगाड़े ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से मंगाए जाते हैं, जबकि कुछ सामग्री स्थानीय स्तर पर भी खरीदी जाती है। बाहर से आने वाले माल की ढुलाई के दौरान टूट-फूट की जिम्मेदारी दुकानदारों को खुद उठानी पड़ती है, जिससे कई बार नुकसान भी झेलना पड़ता है। महंगाई का असर कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है, फिर भी होली का उत्साह बाजार की रौनक को कम नहीं होने दे रहा। रंगों के इस पर्व पर नगाड़ों की गूंज के साथ शहर में फाग गीतों की धुन और उल्लास का माहौल पहले से ही बन चुका है।

सोम की रात होली दहन बुधवार को रंगोत्सव: पं. शिवप्रसाद त्रिपाठी

आचार्य पं. शिवप्रसाद त्रिपाठी ने फाल्गुन पूर्णिम को होलिकादहन का शास्त्र सम्मत मुहूर्त बताया है। उन्होंन कहा है कि इस वर्ष स्नानदा एवं व्रत सहित फाल्गुनी पूर्णिमा 2 मार्च 2026 सोमवार को है। भद्रा सायं 5.18 बज से रात्रि 4.56 बजे तक है। भद्रा पुच्छ 12.50 से रात्रि 2.29 बजे तक होली दहन का शास्त्र सम्मत शुभ मुहूर्त है। तीन मार्च को ग्रहण का सूतक प्रातःकाल 6.20 बजे लग जाएग जिसका मोक्ष 6.47 बजे होगा। होली बसंतोत्सव धुलेंडी का पर्व 4 मार्च बुधवार को मनाना, होली की विभूति धारण करना, रविकांत महोत्सव मनाना शास्त्र सम्मत होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा