एनटीपीसी कोरबा की तीन यूनिटों से 1,200 मेगावाट उत्पादन शुरू, अन्य यूनिटों को चालू करने में जुटा तकनीकी अमला

 




कोरबा, 05 सितम्बर (हि. स.)। एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में शुक्रवार देर शाम तकनीकी खराबी के चलते सभी सातों यूनिटों के ट्रिप होकर बंद होने से बिजली उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। यूनिट नंबर 1 से लेकर 7 तक एक साथ बंद होने के कारण संयंत्र में उत्पादन ठप हो गया था। वहीं, एनटीपीसी टाउनशिप में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया । प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई ।

मिली जानकारी के अनुसार आज शनिवार को एनटीपीसी कोरबा की यूनिट नंबर 1 (200 मेगावाट), यूनिट नंबर 4 (500 मेगावाट) और यूनिट नंबर 5 (500 मेगावाट) को दोबारा चालू कर दिया गया है। इन तीनों इकाइयों से मिलाकर कुल 1,200 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। अन्य बंद यूनिटों को भी चरणबद्ध तरीके से दोबारा चालू करने के लिए एनटीपीसी का तकनीकी अमला लगातार काम कर रहा है।

सातों यूनिटों के एक साथ ट्रिप होने की वास्तविक तकनीकी वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। संयंत्र प्रबंधन की ओर से तकनीकी खराबी के कारणों और उत्पादन पर पड़े वास्तविक प्रभाव की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। तकनीकी टीम स्थिति की निगरानी करते हुए शेष इकाइयों को जल्द से जल्द सामान्य संचालन में लाने के प्रयास में जुटी हुई है।

2011 में भी सामने आई थी ऐसी बड़ी घटना

गौरतलब है कि एनटीपीसी कोरबा के इतिहास में सितंबर 2011 में भी एक बड़ी घटना के कारण संयंत्र का उत्पादन लगभग ठप होने की स्थिति में पहुंच गया था। उस समय भारी बारिश के चलते धनरास स्थित राखड़ बांध क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा कारणों से संयंत्र की कई बड़ी इकाइयों को बंद करना पड़ा था। उस दौरान 2,600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र का उत्पादन घटकर करीब 200 मेगावाट रह गया था।

हालांकि, मौजूदा घटना का कारण वर्ष 2011 की घटना से अलग है या नहीं, इसकी पुष्टि एनटीपीसी प्रबंधन की आधिकारिक जानकारी के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल तीन इकाइयों के दोबारा चालू होने से 1,200 मेगावाट उत्पादन बहाल हो गया है और शेष इकाइयों को भी चालू करने की प्रक्रिया जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी