दशहरे पर एनएसयूआई ने किया प्रतीकात्मक पुतला दहन, निष्पक्ष चुनाव की उठाई मांग
राजीव भवन से निकाला मार्च, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का दिया संदेश
धमतरी, 20 अक्टूबर (हि.स.)। विजयादशमी के अवसर पर एनएसयूआई ने राजीव भवन से मार्च निकालकर राजनीतिक विरोध के तहत प्रतीकात्मक पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मोहन भागवत, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी सहित 10 प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों के नामों को इस विरोध कार्यक्रम से जोड़ते हुए लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और जनता के मताधिकार की रक्षा का संदेश दिया।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अन्याय, अहंकार और असत्य के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर संगठन की चिंताएं व्यक्त करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। राजा देवांगन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है और चुनावी व्यवस्था पर जनता का विश्वास बनाए रखना संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि, एनएसयूआई लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों और विरोध को आगे भी उठाता रहेगा। संगठन ने अपने संदेश में कहा कि असत्य कितना भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दे, अंततः जीत सत्य की ही होती है। साथ ही छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से लोकतंत्र की रक्षा तथा निष्पक्ष चुनाव के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस महामंत्री अरविंद दोषी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शास्त्री सोनवानी, पारस मणि साहू, राकेश मौर्य, शबीना अंजुम, शुभम साहू, गीत राम सिन्हा, चितेंद्र साहू, जय श्रीवास्तव, नोमेश सिन्हा, नमन बंजारे, संजू साहू, उमेश साहू, त्रिभुवन मंडावी, ओमप्रकाश मानिकपुरी, विवेक कतलाम, गब्बर भोयर, थॉमस टांडे, बसंत सिन्हा, विकास, रोशन वंदे, प्रीतम सिन्हा, मोनू सिन्हा और सोहैल रजा सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा