एनआईटी रायपुर ने इसरो-एनआरएससी तकनीकी संवाद और स्पेसटेक आइडियाथॉन चैलेंज के साथ मनाया राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस

 


रायपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेंट्री एक्सप्लोरेशन ने नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर,इसरो के सहयोग से आज (गुरुवार) राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के तहत समारोह का आयोजन किया।

कार्यक्रम में भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण उपलब्धियों, गगनयान मिशन और मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम पर विशेषज्ञ संवाद एवं तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसके बाद अंतरिक्ष एवं भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों के उभरते अनुप्रयोगों आईडियाथान चेलेंज आयोजित किया गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के कार्यवाहक महानिदेशक प्रशांत कविश्वर मुख्य अतिथि तथा इसरो के ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर के उप निदेशक राजेंद्रसिंह पी. बयाली विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में के ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर इसरो के ग्रुप हेड डॉ. बी एच एम् दारुकेश, एन आई टी रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. समीर बाजपेयी, सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेंट्री एक्सप्लोरेशन के मेंटर प्रो. एस. सान्याल, संकाय सदस्य, वैज्ञानिक, विद्यार्थी और युवा नवोन्मेषक शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सौरभ गुप्ता, इसरो की डॉ. जया सक्सेना, डॉ. हिमांशु गोविल तथा डॉ. कपिल सोनी के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जया सक्सेना ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह दिवस भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धि चंद्रयान-3 मिशन के दौरान विक्रम लैंडर की सफल सॉफ्ट लैंडिंग की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी का उल्लेख किया ।

मुख्य अतिथि प्रशांत कविश्वर, कार्यवाहक महानिदेशक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को समाज के और करीब लाने तथा यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में होने वाली प्रगति आम नागरिकों के लिए सुलभ और उपयोगी हो। प्रो. समीर बाजपेयी ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी विभिन्न इंजीनियरिंग एवं तकनीकी विषयों के एकीकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

अपने संबोधन में राजेंद्रसिंह पी. बयाली, उप निदेशक, इसरो ने भारत के स्पेस फ्लाइट कार्यक्रम और गगनयान मिशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वर्ष 2018 में कार्यक्रम की घोषणा से लेकर अब तक इसके विकास की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने मानव-रेटेड लॉन्च सिस्टम, अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण, चालक दल की सुरक्षा, माइक्रोग्रैविटी प्रयोगों तथा रिकवरी ऑपरेशन के लिए किए जा रहे व्यापक प्रयासों की जानकारी दी।

उन्होंने गगनयान को एक राष्ट्रीय प्रयास बताते हुए एनआईटी रायपुर के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं से अंतरिक्ष में किए जाने वाले माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान के लिए छोटे, कम ऊर्जा खपत वाले प्रयोग विकसित करने में योगदान देने का आह्वान किया।

डॉ. दारुकेशा, ,इसरो ने चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग के महत्व को रेखांकित किया और विद्यार्थियों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे अंतरिक्ष कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। अपने विशेषज्ञ व्याख्यान में उन्होंने मानव अंतरिक्ष उड़ान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।उन्होंने मानव-केंद्रित इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण, मानव कारकों और माइक्रोग्रैविटी में प्रयोगों से जुड़ी चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में बायो मेडिकल अभियांत्रिकी तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। इसके अंतर्गत क्रू स्वास्थ्य, बायोमेडिकल अनुसंधान, मानव प्रदर्शन, जीवन-समर्थन प्रणालियों तथा माइक्रोग्रैविटी के मानव शरीर पर प्रभावों को समझने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अंतरिक्ष में हड्डियों के घनत्व में कमी जैसी चुनौतियों और अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्रभावी काउंटरमेजर्स विकसित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।

विशेषज्ञ सत्र के बाद एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने मानव अंतरिक्ष उड़ान, बायोमेडिकल अनुसंधान, माइक्रोग्रैविटी प्रयोगों तथा वैज्ञानिक विचारों को अंतरिक्ष-उपयुक्त पेलोड में बदलने से जुड़ी चुनौतियों पर विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे।कार्यक्रम के दूसरे चरण में आइडियाथॉन चैलेंज तथा “डीप टेक विद जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी टू सॉल्व सोसाइटल प्रॉब्लम्स” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता की विजेता टीम एस एस आई पी एम् टी रायपुर की टीम संजीवनी , दुसरे स्थान पर आई जी के वी रायपुर की टीम सैल आई जी के वी, तीसरे स्थान पर सी एस वी टी यु की टीम फ्यूगो रही | इसके साथ ही टीम एन आई टी रायपुर की टीम पूकी रेंजेर्स को पहला सांत्वना पुरुस्कार और टीम बायो एक्सट्रीम को दूसरा सांत्वना पुरुस्कार दिया गया |

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा