दंतेवाड़ा में नवरात्रि की तैयारियां अंतिम चरण में, मंदिर के अंदर मोबाइल ले जाने पर रोक

 


दंतेवाड़ा, 07 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के मां दंतेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रवेश और निकासी की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंदिर चौक से मंदिर परिसर तक सामान्य भक्त, व्हीआईपी और व्हीव्हीआईपी भक्तों के मंदिर में प्रवेश के लिए तीन अलग रास्ते होंगे। घी के दीये और चांदी के सिक्के की कीमत भी बढ़ी है।

इस बार मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक रहेगी। मंदिर के बाहर मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर बनाया जा रहा है। श्रद्धालु मोबाइल जमा करने के बाद ही मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे। दंतेवाड़ा एसपी चंद्रमोहन सिंह ने भी मोबाइल को लेकर नई व्यवस्था की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि इस व्यवस्था को लेकर बातचीत भी चल रही है।

मंदिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार मंदिर में ज्योति कलश स्थापना के लिए घी के कलश की राशि इस बार 3100 रुपये रखी गई है। पिछली बार यह राशि 2100 रुपये थी। तेल के कलश की राशि 1100 रुपये ही रहेगी। मंदिर समिति के अनुसार इस बार करीब 10 हजार कलश स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर और साज-सज्जा समेत अन्य व्यवस्थाओं पर पहले करीब 32 से 35 लाख रुपये तक खर्च होते थे। इस बार मंदिर परिसर के लिए करीब 10 लाख रुपये का टेंडर किया गया है। इसके अलावा साउंड सिस्टम पर 3.30 लाख रुपये खर्च होंगे। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के सामने स्थित धर्मशाला में 9 कमरों की व्यवस्था है। एक कमरे में करीब 8 से 10 लोगों के रुकने की व्यवस्था रहेगी। कमरे के लिए 200 रुपये शुल्क लिया जाएगा। भीड़ बढ़ने पर उपलब्ध अन्य स्थानों में भी ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर में मिलने वाले 10 ग्राम के चांदी के सिक्के की कीमत इस बार 4100 रुपये रखी गई है। पिछली बार इसकी कीमत करीब 2100 रुपय थी। नवरात्रि के दौरान मंदिर के बाहर मैदान में भी अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों के फेमस जगराता ग्रुप माता का जागरण करने आएंगे।

मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर अलग व्यवस्था की जा रही है। मंदिर परिसर में करीब 24 कैमरे भी लगाए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी। इस बार भी व्हीआईपी दर्शन के लिए 500 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित की गई है। इसके लिए भक्त टेंपल कमेटी के काउंटर से या फिर ऑनलाइन रसीद कटवा सकते हैं। इस बार ऑनलाइन दर्शन के लिए भी क्यूआर कोड की सुविधा रहेगी। पहली बार सेवा समितियों के लिए टेंट की सुविधा जनपद पंचायत और नगरी निकायों को करना होगा, पहले टेंपल कमेटी करती थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे