स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाने में जनप्रतिनिधि निभाएं सक्रिय भूमिका : महापौर संजू देवी

 




कोरबा, 11 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत नगरीय जनप्रतिनिधियों की लोक स्वास्थ्य सेवाओं में भागीदारी प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कोरबा में एक दिवसीय संवेदीकरण एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। पं. जवाहरलाल नेहरू सभागार, रामपुर में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ महापौर संजू देवी राजपूत और नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता तथा शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा की गई।

महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वार्डवासी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी देने के साथ स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहिए और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करना चाहिए।

सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी मिली। जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को लगातार स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने दुर्घटना में प्रभावित व्यक्ति और उसे अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को शासन से मिलने वाली सहायता राशि की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

मेयर इन काउंसिल सदस्य नरेंद्र देवांगन ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को सक्रिय सहयोग देने के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अभियानों में भागीदारी करनी चाहिए।

कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग की सीपीएम ज्योत्सना ने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की जानकारी दी। डॉ. अविश पाण्डेय ने मौसमी बीमारियों, उनकी रोकथाम और उपचार के संबंध में जानकारी दी। डॉ. बी.आर. रात्रे ने टीबी, कुष्ठ रोग सहित अन्य बीमारियों के लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर जांच और उपचार के साथ बीमारियों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता भी जरूरी है। नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं और शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

कार्यशाला में मेयर इन काउंसिल सदस्य हितानंद अग्रवाल सहित निगम के अन्य एमआईसी सदस्य, पार्षद, जनप्रतिनिधि और एल्डरमेन उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी