नारी शक्ति वंदन अधिनियम: नीति-निर्धारण में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी, जिला पंचायत अध्यक्ष ने जताया आभार
अंबिकापुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का पूरे देश के साथ-साथ सरगुजा में भी अभूतपूर्व स्वागत हो रहा है। इस अधिनियम को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताते हुए सरगुजा जिला पंचायत की अध्यक्ष निरूपा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने इस निर्णय को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को मिलने वाला 33 प्रतिशत आरक्षण केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्म-सम्मान और उनके राजनीतिक अधिकारों की एक नई पहचान है। इस निर्णय से सरगुजा और पूरे छत्तीसगढ़ की महिलाओं में उत्साह का माहौल है, क्योंकि अब नीति-निर्माण की सर्वोच्च संस्थाओं में उनकी भागीदारी न केवल सुनिश्चित होगी, बल्कि पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और प्रभावशाली भी बनेगी।
श्रीमती सिंह ने प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि यह अधिनियम देश की सबसे बड़ी पंचायतों में बहनों की बराबर की सहभागिता तय करेगा। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त होकर उभरेंगी। यह ऐतिहासिक कदम आने वाले समय में महिला नेतृत्व के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और समाज में व्यापक सकारात्मक बदलाव लाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह