फीकी रहेगी निगम कर्मचारियों की दिवाली, अक्टूबर माह का नहीं मिला वेतन
धमतरी, 06 नवंबर (हि.स.)। दीपावली का त्योहार नजदीक है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के घरों में त्योहार की खुशियां फीकी पड़ने की आशंका है। नगर निगम में कार्यरत नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों को अक्टूबर माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि निगम के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बावजूद वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के अक्टूबर माह (पेड इन नवंबर 2026) के वेतन भुगतान की स्वीकृति प्रदान की है। इसके बावजूद धमतरी नगर निगम के कर्मचारियों को वेतन का इंतजार करना पड़ रहा है। बताया गया है कि निगम के पास राजस्व वसूली से प्राप्त 17.50 लाख रुपये और अन्य मदों को मिलाकर लगभग दो करोड़ 14 लाख रुपये की राशि उपलब्ध है।
कर्मचारियों का कहना है कि उपलब्ध राशि से अक्टूबर माह का वेतन भुगतान किया जा सकता है। दीपावली में अब महज दो दिन शेष हैं। ऐसे में समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने त्योहार की खरीदारी और घरेलू खर्चों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।
नवयुक्त अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष मंगलू निर्मलकर ने बताया कि, उनके खाते में दो माह की पीएफ राशि जमा की गई है, लेकिन वेतन अब तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान की मांग को लेकर शाम को महापौर और निगम आयुक्त से मुलाकात कर दीपावली से पहले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन देने की मांग करेंगे। गौरतलब है कि धमतरी नगर निगम में लगभग 200 नियमित और 250 प्लेसमेंट कर्मचारी कार्यरत हैं। इन्हीं कर्मचारियों के माध्यम से निगम के विभिन्न प्रशासनिक और मैदानी कार्य संचालित होते हैं। इसके अलावा निगम पार्षदों और एल्डरमैन को भी सितंबर माह तक का ही मानदेय भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कर्मचारियों ने कहा हो रही परेशानी:
कर्मचारियों का कहना है कि नियमित रूप से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई कर्मचारी समय पर सामान की किस्त और अन्य देनदारियां जमा नहीं कर पाते, जिससे उन्हें अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना पड़ता है। उनका कहना है कि निगम प्रशासन को वेतन भुगतान की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को बार-बार ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा