122 ग्राम पंचायतों में बनेंगे मुक्तिधाम शेड, ग्रामीणों को मिलेगी सम्मानजनक अंतिम संस्कार की बेहतर सुविधा

 




धमतरी, 31 जुलाई (हि.स.)। धमतरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले की 122 ग्राम पंचायतों में मुक्तिधाम शेड निर्माण की स्वीकृति दी गई है। लगभग 7 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इन शेडों से अंतिम संस्कार के दौरान धूप, बारिश और अन्य प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों से लोगों को राहत मिलेगी, वहीं मुक्तिधाम परिसरों में आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में यह कार्य कराया जाएगा। योजना के तहत धमतरी विकासखंड में 17, कुरूद में 5, मगरलोड में 38 और नगरी विकासखंड में 62 मुक्तिधाम शेड बनाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं और सामुदायिक गरिमा का प्रतीक भी है। लंबे समय से कई पंचायतों में शेड और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण विशेषकर वर्षा ऋतु में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी आवश्यकता को देखते हुए मजबूत और टिकाऊ सामग्री से स्थायी मुक्तिधाम शेड बनाए जाएंगे। इनमें स्थानीय जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त स्थान, छायादार व्यवस्था और आवश्यक नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण मिल सके। इसके साथ ही मुक्तिधाम परिसर अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और उपयोगी बनेंगे।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने बताया कि सभी संबंधित ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण और सतत निगरानी की व्यवस्था की गई है, ताकि स्वीकृत राशि का प्रभावी उपयोग हो और ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर आधारभूत अधोसंरचना के साथ सामाजिक आवश्यकताओं से जुड़े सार्वजनिक स्थलों का सुदृढ़ीकरण भी ग्रामीण विकास की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुक्तिधाम शेड निर्माण इसी सोच का परिणाम है। इन निर्माण कार्यों से स्थानीयस्तर पर श्रमिकों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। निर्माण सामग्री की स्थानीय उपलब्धता और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से जनसहभागिता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा