आवक से ज्यादा गंगरेल बांध से छोड़ा जा रहा पानी, 6133 क्यूसेक की निकासी
धमतरी, 23 सितंबर (हि.स.)। बारिश थमने के साथ ही गंगरेल बांध में पानी की आवक घट गई है, जबकि खरीफ फसल की सिंचाई के लिए बांध से आवक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में कैचमेंट क्षेत्र से गंगरेल बांध में 4976 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि किसानों की मांग के अनुसार धान की फसल की सिंचाई के लिए बांध से 6133 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा जा रहा है।
आवक की तुलना में अधिक निकासी होने से गंगरेल बांध का जलभराव धीरे-धीरे कम होने लगा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार गंगरेल बांध में वर्तमान में 30.884 टीएमसी जलभराव है, जिसमें उपयोगी जल 25.813 टीएमसी है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में बारिश थमने से कैचमेंट क्षेत्र से पानी की आवक में भी कमी आई है। जिले के अन्य प्रमुख बांधों में भी पानी की आवक कम हो गई है। मुरूमसिल्ली बांध में 5.80 टीएमसी जलभराव है और यहां 396 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। दुधावा बांध में 9.333 टीएमसी जलभराव है, जबकि पानी की आवक महज 98 क्यूसेक है।
इसी तरह सोंढूर बांध में 5.663 टीएमसी जलभराव है और यहां 238 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। जिले के सभी प्रमुख बांधों में फिलहाल संतोषप्रद जलभराव है। गंगरेल के साथ सोंढूर, मुरूमसिल्ली और दुधावा बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है, हालांकि इन बांधों से निकासी की मात्रा अपेक्षाकृत कम है। बारिश की रफ्तार थमने के बाद बांधों में पानी की आवक कम होने के बावजूद खरीफ फसल के लिए सिंचाई पानी की मांग बनी हुई है। ऐसे में गंगरेल बांध से आवक से अधिक पानी की निकासी होने से जलस्तर में धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा रही है।
जिले में 1071 मिमी औसत वर्षा दर्ज
अंचल में इन दिनों बारिश का दौर काफी कमजोर पड़ गया है और कभी-कभार ही बारिश हो रही है। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार जिले में इस वर्ष अब तक संतोषप्रद बारिश दर्ज की गई है। एक जून से अब तक जिले में 1071 मिमी औसत वर्षा हुई है। इसमें धमतरी तहसील में 1124 मिमी, कुरूद में 1084 मिमी, मगरलोड में 1075 मिमी, नगरी में 1091 मिमी, भखारा में 1039 मिमी, कुकरेल में 1038 मिमी और बेलरगांव में 1046 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस वर्ष अब तक सबसे अधिक बारिश धमतरी तहसील में और सबसे कम कुकरेल तहसील में दर्ज हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा