मोर गांव-मोर पानी अभियान से जल संरक्षण को मिली नई दिशा
बिलासपुर,14 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को लेकर व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
इस कार्ययोजना के तहत ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और विभिन्न शासकीय विभागों के समन्वय से जिले के जनपदों में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत जनपद एवं क्लस्टर स्तर पर कर्मचारियों और जल मित्रों ने सभी 486 ग्राम पंचायतों में पहुंचकर जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों के श्रमदान से जिले में 55 हजार 567 सोक पिट का निर्माण किया गया, साथ ही नालों में 190 बोरी बंधान कार्य भी संपन्न हुए। इसके अतिरिक्त जिला पंचायत द्वारा अनुपयोगी बोरवेलों में 163 सैंड फिल्टर स्ट्रक्चर तथा परकोलेशन टैंकों में 41 इंजेक्शन वेल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर कार्य पूर्ण कराया गया।
यह महाअभियान जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है, जिसमें जनभागीदारी के माध्यम से जल संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन को नई दिशा मिल रही है। सबसे बड़ा फायदा भू-जल स्तर में वृद्धि के रूप में सामने आएगा, जिससे गर्मी के मौसम में भी हैंडपंप और कुओं में पानी उपलब्ध रहेगा। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से फसल उत्पादन बढ़ेगा और खेती पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सोक पिट और सैंड फिल्टर स्ट्रक्चर के निर्माण से वर्षा जल का बेहतर संचयन होगा, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी और गांवों में जल संकट कम होगा। नालों में किए गए बंधान कार्य से जल प्रवाह नियंत्रित होगा और मिट्टी का कटाव भी कम होगा। इसके साथ ही इस अभियान ने ग्रामीणों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, जिससे भविष्य में लोग स्वयं जल संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। सामुदायिक भागीदारी से गांवों में स्थायी जल प्रबंधन की नींव मजबूत हो रही है, जो आने वाले वर्षों में जल संकट से निपटने में सहायक सिद्ध होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल