तेंदूपत्ता गोदाम कुकरेल में अग्नि सुरक्षा का मॉक ड्रिल, अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला प्रशिक्षण

 


धमतरी, 09 जून (हि.स.)। बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम को देखते हुए तेंदूपत्ता भंडारण स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वनमंडल धमतरी अंतर्गत परिक्षेत्र केरेगांव के तेंदूपत्ता गोदाम कुकरेल में मंगलवार को अग्नि सुरक्षा एवं अग्निशमन प्रशिक्षण सह प्रदर्शन (फायर सेफ्टी डेमो) का आयोजन किया गया।

जिला यूनियन धमतरी के प्रबंध संचालक जाधव श्रीकृष्ण के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण में अग्निशमन विभाग धमतरी के अधिकारी दिलीप निषाद और उनकी टीम ने अधिकारियों, कर्मचारियों तथा गोदाम प्रहरियों को आग से बचाव, संभावित आगजनी की परिस्थितियों, अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और आपदा की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर उनकी कार्यप्रणाली समझाई गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि गर्मी के मौसम में विद्युत शॉर्ट सर्किट, ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण, खुली आग का उपयोग, बीड़ी-सिगरेट के अवशेष और लापरवाही से उत्पन्न चिंगारियां आग लगने के प्रमुख कारण बनती हैं। तेंदूपत्ता जैसे अत्यधिक ज्वलनशील वन उत्पाद के सुरक्षित भंडारण के लिए विशेष सतर्कता आवश्यक है। प्रशिक्षण में आग के विभिन्न वर्गों और उनसे निपटने के उपायों की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि क्लास-ए श्रेणी की आग लकड़ी, कागज, कपड़ा और तेंदूपत्ता जैसे सामान्य ज्वलनशील पदार्थों में लगती है, जबकि क्लास-बी ज्वलनशील तरल पदार्थों, क्लास-सी विद्युत एवं गैस संबंधी तथा क्लास-डी ज्वलनशील धातुओं से संबंधित आग होती है। इस दौरान वाटर बेस्ड, फोम टाइप, कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), एबीसी ड्राई केमिकल पाउडर (DCP) और स्पेशल ड्राई पाउडर अग्निशामक यंत्रों के उपयोग एवं प्रभावशीलता का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की आग के अनुसार उपयुक्त अग्निशामक यंत्र के चयन के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में जिला यूनियन धमतरी के उप प्रबंध संचालक सूर्य प्रकाश ध्रुव, लेखापाल अशोक कुमार नेताम, उपवन क्षेत्रपाल एवं गोदाम प्रभारी राजेश वर्मा, उमेश सिंह, वरिष्ठ कार्यपालक गुड्डू दुफारे सहित जिला यूनियन के अंतर्गत संचालित सभी तेंदूपत्ता गोदामों के चौकीदार तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित किया गया, जिससे तेंदूपत्ता भंडारण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा