मध्याह्न भोजन कर्मियों की हड़ताल खत्म, नौ मार्च से संकुलस्तरीय धरना

 




धमतरी, 28 फ़रवरी (हि.स.)। 50 प्रतिशत मानदेय वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ मध्याह्न भोजन मजदूर एकता यूनियन (सीटू) की 17 फरवरी से गांधी मैदान में जारी हड़ताल 28 फरवरी को समाप्त हुई। अंतिम दिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी समर्थन देने धरना स्थल पहुंचे। यूनियन ने घोषणा की है कि लंबित मांगों को लेकर नौ मार्च से नौ अप्रैल तक संकुल स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

शनिवार को सीटू का 12 दिवसीय हड़ताल के समापन अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, महिला कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष अंबिका सिन्हा, आदिवासी एकता महासभा के राज्य सचिव बाल सिंह आंडिल्य, छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष ऋषि कुमार गुप्ता ने धरना स्थल पहुंचकर मध्याह्न भोजन के लिए कार्यरत रसोईया एवं सहायिकाओं की जायज मांगों का समर्थन किया।

सीटू के राज्य अध्यक्ष समीर कुरैशी, कोषाध्यक्ष अनसुईया कंडरा एवं महासचिव ललिता साहू ने बताया कि धमतरी जिले में 2400 रसोईया एवं सहायिका 162 संकुल में कार्यरत हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए कार्यरत रसोईया एवं सहायिकाओं को केवल 2000 रुपये प्रति माह मानदेय मिल रहा है।

इस अल्प मानदेय में परिवार चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।राज्य की भाजपा सरकार ने चुनाव पूर्व 50 प्रतिशत मानदेय में बढ़ोत्तरी करने का वादा किया था। जिसको लेकर 17 से 28 फरवरी तक गांधी मैदान धमतरी में धरना प्रदर्शन किया गया है। राज्य बजट में रसोइया और सहायिकाओं के लिए कोई विशेष प्रविधान नहीं किया गया है जिससे सभी कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। इस दौरान बाला राम मरकाम, देवबती देवांगन, संध्या ध्रुव, तुलेश्वरी रजक, डीहूराम यादव, देवकी, सरोज साहू, सरिता साहू, दुलारी नेताम, सोनकुंवर सहित बड़ी संख्या में रसोईया और सहायिकाओं की उपस्थिति रही।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा