कापसी में घंटों की मशक्कत के बाद विशालकाय अजगर को पकड़कर जंगल में छाेड़ा

 


कांकेर, 13 सितंबर। जिले के कापसी वन परिक्षेत्र में एक विशालकाय अजगर शिकार की तलाश में आज रविवार काे कापसी के रिहायशी इलाके तक पहुंच गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग ने स्नैक कैचर की टीम के साथ सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छाेड़ दिया गया।

गांव वालों ने बताया कि अजगर मुर्गी का पीछा करता हुआ घर के भीतर पहुंच गया था। गनीमत रही कि घरवालों की नजर विशालकाय अजगर पर समय रहते पड़ गई। परिजनाें ने तत्काल वन विभाग के कर्मचारियों को घर में अजगर के घुस आने की सूचना दी। वन विभाग की टीम तत्काल स्नैक कैचर टीम के साथ मौके पर कापसी के ग्रामीण के घर पहुंची और अजगर को रेस्क्यू करने का काम शुरू किया। स्नैक कैचर धीरेंद्र मंडल ने घंटों की मशक्कत के बाद आखिरआर विशालकाय अजगर को काबू में किया। वन विभाग की टीम ने अजगर के मुंह पर टेप बांध दिया ताकि अजगर किसी को नुकसान नहीं पहुंचा पाए। अजगर की लंबाई दस फीट से अधिक है। अजगर का वजन इतना ज्यादा था कि उसे उठाने के लिए पांच लोगों की मदद लेनी पड़ी।

अजगर दुनिया के सबसे बड़े, भारी और जहर रहित सांपों में से एक है, जो मुख्य रूप से एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। यह अपनी ताकत के लिए जाने जाते हैं, शिकार को जकड़कर मारते हैं । अजगर लगभग 20-25 फीट तक लंबे हो सकते हैं। यह मांसाहारी हैं, अंडे देते हैं और इनकी कुछ प्रजातियों में गर्मी महसूस करने की क्षमता होती है।

कापसी वन परिक्षेत्र अधिकारी डी तारम ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा हमें यह सूचना दी गई थी कि एक ग्रामीण के घर में अजगर घुस आया है। सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे और हमारी टीम ने अजगर को वहां से रेस्क्यू किया। शिकार के चक्कर में अजगर घर में घुसा था। अजगर को रेस्क्यू कर वहां से दूर उसके प्राकृतिक रहवास में छोड़ दिया गया है। हमारी अपील है कि कोई भी वन्य प्राणी अगर कहीं नजर आए तो उसे मारे नहीं उसकी सूचना वन विभााग काे दें, हम उसे सुरक्षित जगह पर पहुंचा देंगे। वन्य जीवों को मारना कानून अपराध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे