मंडी उपनिरीक्षक परीक्षा41 केंद्रों में हुई, 6874 ने दी परीक्षा

 


धमतरी, 26 अप्रैल (हि.स.)।कड़ी सुरक्षा और ड्रेस कोड नियमों के बीच छत्तीसगढ़ व्यापमं द्वारा 26 अप्रैल को जिले के 41 परीक्षा केंद्रों में सुबह 10 बजे से मंडी उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। इसमें पंजीकृत कुल 9813 में 6874 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं 2939 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। आठ परीक्षा केंद्रों में 100 और उससे अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

जानकारी के अनुसार जिसमें बीसीएस पीजी कालेज धमतरी में 101, एनआरएम शासकीय कन्या महाविद्यालय में 115, डा शोभाराम देवांगन स्कूल धमतरी में 105, शिव सिंह वर्मा स्कूल में 108, नत्थूजी जगताप स्कूल में 100, माडल इंग्लिश स्कूल सोरिद नगर 111, मेनोनाइट इंग्लिश स्कूल रत्नाबांधा चौक 108 और एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह में 115 सहित अन्य केंद्रों में भी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सुबह आठ बजे से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लग गई थी। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वालों को अभ्यर्थियों को प्रवेश से वंचित होना पड़ा। वहीं नियमों का पालन नहीं करने वाले कई अभ्यर्थियों को भी केंद्र के बाहर ही रोक दिया गया।

परीक्षा एक पाली में आयोजित की गई। सुबह 11 बजे होने वाली परीक्षा को एक घंटा पहले 10 बजे से आयोजित किया। यह परीक्षा दोपहर 12:15 बजे तक चली। केंद्रों में सुबह साढ़े नौ बजे के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों को परीक्षा में केवल हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आने की अनुमति थी। वहीं काला, जामुनी, मैरून, बैंगनी, गहरा नीला, हरा और चाकलेटी जैसे गहरे रंग के कपड़े पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। इसके अलावा जूते, बेल्ट, घड़ी और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर भी रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद कई अभ्यर्थी नियमों के विपरीत परिधान में केंद्र पहुंचे। जिससे उन्हें बाहर रोका गया और परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला अभ्यर्थियों को केंद्र के बाहर ही अपने आभूषण उतारने पड़े। वहीं पुरुष अभ्यर्थियों के बेल्ट और जूते निकलवाने के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया।

मूल पहचान पत्र और व्यापमं की प्रति नहीं लाने वाले अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा में किस मुगल बादशाह ने मुहतासिबों की नियुक्ति की। मगरमच्छों का नैसर्गिक अभ्यारण्य कौन सा है। 1979 से 1991 तक भारत के प्रधानमंत्रियों को सही क्रम में व्यवस्थित करें। मुगलकाल में छत्तीसगढ़ अंचल क्या कहलाता था। मानव विकास सूचकांक की धारणा दी गई। उत्प्रेषण लेख के शाब्दिक अर्थ है। मावा मोदोल योजना छत्तीसगढ़ के किस जिला प्रशासन की पहल है। छत्तीसगढ़ की पहली सौर ऊर्जा से संचालित कोयला खदान कौन सी है। आरबीआई द्वारा अपनाई जाने वाली गुणात्मक साख नियंत्रण रीति क्या है जैसे प्रश्न पूछे गए।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा