जांजगीर-चांपा में सड़क हादसों में कमी लाने संयुक्त प्रशिक्षण कार्यशाला, रेडियम बेल्ट और टैगिंग पर जोर
जांजगीर-चांपा, 6 जुलाई (हि. स.)। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में घायल और मृत होने वाले घुमंतू पशुओं की संख्या कम करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में संयुक्त प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में पुलिस, पशुधन विकास विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं, गौसेवकों और पशु प्रेमियों ने भाग लेकर पशुओं की सुरक्षा, त्वरित उपचार और बेहतर प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने कहा कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में घुमंतू पशुओं की मौत और घायल होने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस, पशुधन विकास विभाग और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि पशुओं के संरक्षण, समुचित प्रबंधन और समय पर उपचार की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पशु सेवा और संरक्षण से जुड़े हर प्रयास में पुलिस विभाग और जिला प्रशासन पूरा सहयोग देगा।
उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. ए.एल. सिंह ने बताया कि कार्यशाला में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पशु प्रेमियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और गौसेवकों ने दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के समय पर उपचार में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अधिकांश पशु चिकित्सा संस्थानों में स्टाफ और संसाधनों की कमी के बावजूद विभाग का अमला घायल पशुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
बैठक में पशु मालिकों से अपने मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने की अपील की गई। साथ ही फसल कटाई के बाद पराली जलाने के बजाय उसे गोठानों या पंचायत स्तर पर पशुओं के चारे (पैरा) के रूप में सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए घुमंतू पशुओं की पहचान सुनिश्चित करने हेतु रेडियम बेल्ट और टैगिंग किए जाने पर भी सहमति बनी, जिससे रात के समय वाहन चालकों को पशु आसानी से दिखाई दे सकें और हादसों को रोका जा सके।
कार्यशाला के दौरान पशुधन विकास विभाग ने प्रतिभागियों को घायल पशुओं के प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाओं के उपयोग का प्रशिक्षण दिया। प्रत्येक विकासखंड से पशु सेवा में सक्रिय एक-एक कार्यकर्ता को पशु प्राथमिक उपचार दवा किट भी प्रदान की गई।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पशु मालिकों को जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायत और विकासखंड स्तर पर भी इसी प्रकार की प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि घुमंतू पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके |
हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT