जर्जर आवास में टला बड़ा हादसा, छज्जा गिरने से युवक घायल

 




बच्चे मौके पर नहीं होने से टला बड़ा हादसा, निगम ने भवन को घोषित किया है जर्जर

धमतरी, 20 सितंबर (हि.स.)। शहर के विवेकानंद कालोनी स्थित वाम्बे आवास में रविवार दोपहर करीब एक बजे जर्जर मकान की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इसकी चपेट में आने से रहवासी युवक रोशन टंडन के हाथ और पैर में हल्की चोटें आईं। घटना के समय बच्चे मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

विवेकानंद कालोनी में करीब 100 कमरों वाला वाम्बे आवास है। इसका निर्माण वर्ष 2007 में हुआ था और 26 फरवरी 2008 को आवंटन किया गया था। करीब 19 वर्ष पुराने इस आवासीय परिसर की स्थिति अब जर्जर हो चुकी है। नगर निगम ने वर्ष 2025-26 में इसे जर्जर घोषित किया है। इसके बावजूद यहां लोग निवास कर रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि आवास की मरम्मत और सुधार के लिए कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

वार्डवासी खेमचंद, राजेश चतुर्वेदी और सालिक राम डहरिया ने बताया कि वाम्बे आवास की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान छत और अन्य हिस्सों से पानी टपकने के साथ जर्जर हिस्सों के गिरने का डर बना रहता है। छोटे बच्चों वाले परिवार भी यहां रहते हैं, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। आर्थिक मजबूरी के कारण लोग जर्जर आवास में रहने को विवश हैं।

मरम्मत से सुधार संभव नहीं : पार्षद

विवेकानंद वार्ड पार्षद विभा चंद्राकर ने बताया कि आवास की छत का प्लास्टर गिरने की जानकारी कार्यकर्ता के माध्यम से मिली है। भवन की जर्जर स्थिति का पहले भी निरीक्षण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि भवन डिस्मेंटल योग्य घोषित हो चुका है, इसलिए मरम्मत से इसका स्थायी सुधार संभव नहीं है। पूर्व में महापौर और आयुक्त के साथ निरीक्षण के दौरान रहवासियों को आवास खाली करने के लिए भी कहा गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा