अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में बाइकर्स गैंग का खूनी खेल, लात मारकर खाई में धकेलने की कोशिश
अम्बिकापुर, 10 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाने वाला खूबसूरत मैनपाट इन दिनों सैलानियों की पहली पसंद भले हो, लेकिन अब यहाँ की फिजाओं में खौफ और अशांति घोलने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, कलकल बहते झरनों और हरी-भरी वादियों के लिए मशहूर मैनपाट अब हुड़दंगियों और बेलगाम बाइकर्स गैंग का अड्डा बनता जा रहा है। इसका एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला नजारा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस नए वीडियो में आधा दर्जन से ज्यादा रसूखदार और बेखौफ युवक मिलकर दो मासूम युवकों की बेरहमी से पिटाई करते नजर आ रहे हैं। हैवानियत की हद तो तब पार हो गई, जब पिटाई के दौरान ही एक हुड़दंगी ने युवक को जान से मारने की नीयत से लात मारकर गहरी खाई में गिराने की कोशिश की। वह तो गनीमत थी कि पीड़ित युवक ने सूझबूझ और किस्मत के सहारे खुद को संभाल लिया, वरना एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होना तय था।
यह पूरी खौफनाक वारदात कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत अम्बिकापुर-मैनपाट मार्ग पर स्थित कालीघाट के पास की बताई जा रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि इन रसूखदार हुड़दंगियों को न तो कानून का डर है और न ही पुलिस का खौफ; इन्होंने बीच सड़क पर अपनी गाड़ियां अड़ाकर पूरी तरह से रास्ता जाम कर रखा है और वहां से गुजरने वालों को डरा-धमका रहे हैं। जब इन दोनों युवकों ने इसका विरोध किया, तो पूरा गैंग उन पर टूट पड़ा। पीड़ित युवक लगातार खुद को उनके चंगुल से छुड़ाने की भीख मांगते रहे, लेकिन हमलावरों का दिल नहीं पघला। इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि घटना की गंभीरता के बावजूद कमलेश्वरपुर थाना प्रभारी का कहना है कि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिसके कारण पुलिस के हाथ बंधे हुए हैं।
हालांकि, मैनपाट में बाइकर्स गैंग की यह कोई पहली गुंडागर्दी नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले यानी 9 जुलाई को भी सोशल मीडिया पर एक और वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें यही स्पोर्ट्स और रेसिंग बाइकर्स गैंग बीच सड़क पर भयंकर हुड़दंग मचाता और ट्रैफिक व्यवस्था को ठप करता हुआ दिखाई दिया था। लगातार दो दिन दो वीडियो वायरल होने के बाद जब चौतरफा दबाव बढ़ा, तब जाकर सरगुजा पुलिस महकमा नींद से जागा। एसएसपी राजेश अग्रवाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद कमलेश्वरपुर पुलिस ने हुड़दंग मचाने वाले कुछ रसूखदार युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ नामजद अपराध दर्ज किया है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ कागजी एफआईआर से मैनपाट की फिजां शांत हो पाएगी? आज हालात यह हो चुके हैं कि मैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों जैसे टाइगर प्वाइंट, मेहता प्वाइंट, उल्टापानी और दलदली में जो सैलानी अपने परिवार के साथ सुकून के दो पल बिताने आते हैं, उन्हें इन सड़कों पर खौफ के साए में सफर करना पड़ता है। यह बाइकर्स गैंग जानबूझकर बीच रास्तों पर गाड़ियां अड़ा देते हैं, साइलेंसर से पटाखे जैसी तेज आवाजें निकालते हैं, कानफोड़ू हॉर्न बजाते हैं और अश्लील फब्तियां कसते हैं। चूंकि यह लड़के बड़ी तादाद में और गुट बनाकर चलते हैं, इसलिए आम सैलानी या स्थानीय लोग इनसे उलझने से कतराते हैं, जिसका फायदा उठाकर इनकी मनमर्जी और हौसले सातवें आसमान पर पहुंच चुके हैं। अगर समय रहते इन पर कड़ा कानूनी हंटर नहीं चलाया गया, तो मैनपाट का पर्यटन पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह