नगरी ब्लाॅक से पहले एसपी बने माहेश्वर नाग, 23 साल की उम्र में सीआईएसएफ में बने थे सब इंस्पेक्टर

 




धमतरी, 30 जुलाई (हि.स.)। धमतरी जिले के नगरी अंचल के लिए गर्व की बात है कि नगर पंचायत नगरी निवासी माहेश्वर नाग पुलिस विभाग में पदोन्नत होकर पुलिस अधीक्षक बने हैं। वे नगरी अंचल से इस पद तक पहुंचने वाले पहले अधिकारी हैं। उनके इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र और साहू समाज में हर्ष का माहौल है।

नगर पंचायत नगरी में वर्ष 1979 में जन्म लेने वाले माहेश्वर नाग बचपन से ही प्रतिभाशाली छात्र रहे। कक्षा पांचवीं में उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय माना कैंप में हुआ। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। छत्तीसगढ़ कालेज रायपुर से बीएससी तथा विश्वविद्यालय से एंथ्रोपोलाजी में एमएससी की पढ़ाई पूरी की। महज 23 वर्ष की आयु में उन्होंने एसएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में सब-इंस्पेक्टर बने।

हैदराबाद और उदयपुर में सेवाएं देने के दौरान उन्होंने वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की परीक्षा उत्तीर्ण कर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर चयनित हुए। अपने पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने एसडीओपी अंबागढ़ चौकी, सीएसपी दल्लीराजहरा, एसडीओपी भानुप्रतापपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंडागांव, कवर्धा, एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर, रायगढ़, सारंगढ़ और बस्तर सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। बस्तर में पदस्थापना के दौरान उन्हें पदोन्नति मिली और वर्तमान में वे माना पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत हैं। माहेश्वर नाग के पिता अमृत लाल नाग तथा माता तुलसी देवी नाग हैं। उनके बड़े भाई रुद्रप्रताप नाग ने उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। माहेश्वर नाग के एसपी बनने पर परिवार के साथ-साथ पूरे नगरी अंचल और साहू समाज में खुशी का माहौल है।

खेल, संगीत और लेखन में भी रखते हैं विशेष रुचि

प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ माहेश्वर नाग की रुचि फुटबाल खेलने, जिम जाने, गायन और फिल्मों की कहानी लेखन में भी है। यातायात जागरूकता पर बनाई गई उनकी लघु फिल्म को राष्ट्रीय शार्ट फिल्म फेयर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा