गंगरेल में इतिहास रचेगा ‘महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप’, 52 टीमें दिखाएंगी दमखम

 








धमतरी, 21 मार्च (हि.स.)। जिले के लिए 22 मार्च का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है, जब गंगरेल बांध की शांत जलधारा पर पहली बार ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के तहत भव्य ‘महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप’ का आयोजन होगा। दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली इस रोमांचक प्रतियोगिता को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल है, वहीं आयोजन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित आसपास के जिलों की कुल 52 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में अपनी गति, संतुलन और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगी।

आयोजन स्थल पर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। महिला टीमों की भागीदारी बनी विशेष आकर्षण इस आयोजन की सबसे खास बात ग्रामीण अंचल की तीन महिला टीमों की सहभागिता है, जिन्होंने अपने आत्मविश्वास और साहस से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। ग्राम लिर्रा की चयन बाई, सुमन और दिनेश्वरी निधार पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में उतर रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका यह प्रयास न केवल प्रतियोगिता को रोचक बना रहा है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश भी दे रहा है।

इस आयोजन का उद्देश्य गंगरेल बांध को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करना, जल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। प्रतियोगिता के जरिए जिले की प्राकृतिक सुंदरता और संभावनाओं को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक नगद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं।।प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये रखा गया है। इसके अलावा बोट सजावट एवं वेशभूषा प्रतियोगिता के लिए 11 हजार रुपये का विशेष पुरस्कार भी रखा गया है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धमतरी की नई पहचान गढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो खेल, संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को एक मंच पर लाता है। गंगरेल की लहरों पर आयोजित यह प्रतियोगिता रोमांच, प्रतिस्पर्धा और उत्सव का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगी, जो आने वाले समय में धमतरी को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा